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तीन दिन में आठ मीटर से अधिक बढ़ा जलस्तर
Updated Sat, 28 Jul 2018 11:08 PM IST
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नई टिहरी/नैनबाग। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से टिहरी बांध का जलस्तर आठ मीटर बढ़ गया है। भागीरथी एवं भिलंगना नदी से 12 सौ क्यूमेक्स पानी आ रहा है। झील से 242 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। बांध से आठ मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हो रहा है। कैंपटी फाल के पानी में अब गाद आना बंद हो गया है।
बारिश से शनिवार शाम तक टिहरी बांध की झील का जलस्तर आरएल (रीवर वाटर लेबल) 790 मीटर पहुंच गया है। बुधवार शाम को जलस्तर आरएल 781.95 मीटर था, लेकिन तीन दिन से हो रही झमाझम बारिश से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। भागीरथी और भिलंगना नदी 600-600 क्यूमेक्स पानी झील में आ रहा है, जबकि झील से नदी की ओर से 242 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। जलस्तर में वृद्धि होने से बांध की चारों टरबाइनें चल रही है, जिनसे करीब आठ मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। दूसरी ओर, दो दिन से उफान पर चल रहे कैंपटी फाल के जलस्तर में कमी आई है। 26 जुलाई को हुई तेज बारिश के कारण कैंपटी फाल में बड़ी मात्रा में पानी एवं मलबा आया था, लेकिन शनिवार को दोपहर बाद जलस्तर में पहले मुकाबले काफी कमी आई है, कैंपटी फाल के पानी में अब गाद नहीं आ रहा है।
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बारिश से शनिवार शाम तक टिहरी बांध की झील का जलस्तर आरएल (रीवर वाटर लेबल) 790 मीटर पहुंच गया है। बुधवार शाम को जलस्तर आरएल 781.95 मीटर था, लेकिन तीन दिन से हो रही झमाझम बारिश से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। भागीरथी और भिलंगना नदी 600-600 क्यूमेक्स पानी झील में आ रहा है, जबकि झील से नदी की ओर से 242 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। जलस्तर में वृद्धि होने से बांध की चारों टरबाइनें चल रही है, जिनसे करीब आठ मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। दूसरी ओर, दो दिन से उफान पर चल रहे कैंपटी फाल के जलस्तर में कमी आई है। 26 जुलाई को हुई तेज बारिश के कारण कैंपटी फाल में बड़ी मात्रा में पानी एवं मलबा आया था, लेकिन शनिवार को दोपहर बाद जलस्तर में पहले मुकाबले काफी कमी आई है, कैंपटी फाल के पानी में अब गाद नहीं आ रहा है।
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