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दो दिन में साढ़े पांच मीटर बढ़ा झील का जलस्तर
Updated Fri, 27 Jul 2018 10:20 PM IST
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नई टिहरी। बारिश के चलते टिहरी बांध के जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। दो दिन से लगातार हो रही बारिश से जलस्तर में साढ़े पांच मीटर की वृद्धि हुई है। जलस्तर आरएल (रीवर वाटर लेबल) 787.50 मीटर पहुंच गया है। जलस्तर में वृद्धि होने से विद्युत उत्पादन भी बढ़ गया है। वर्तमान में आठ मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हो रहा है।
25 जुलाई रात से हो रही बारिश से शुक्रवार शाम तक टिहरी बांध की झील का जलस्तर आरएल 787.50 मीटर पहुंच गया है। बुधवार शाम को जलस्तर आरएल 781.95 मीटर था, लेकिन ऊंचाई वाले स्थानों में हो रही जोरदार बारिश से जलस्तर बढ़ रहा है। भागीरथी नदी से 450 और भिलंगना नदी से 300 क्यूमेक्स पानी झील में आ रहा है, जबकि झील से नदी की ओर से 220 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। जलस्तर में वृद्धि होने से बांध की चारों टरबाइनें चल रही है, जिनसे करीब आठ मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। हालांकि जलस्तर बढ़ने से टीएचडीसी को फायदा होने लगा है। बावजूद झील से सटे क्षेत्रों में भू-धंसाव की संभावना बढ़ने लगी है, जिसके चलते लंबे समय से भू-धंसाव की जद में रह रहे बांध प्रभावितों की मुश्किलें बढ़ सकती है।
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25 जुलाई रात से हो रही बारिश से शुक्रवार शाम तक टिहरी बांध की झील का जलस्तर आरएल 787.50 मीटर पहुंच गया है। बुधवार शाम को जलस्तर आरएल 781.95 मीटर था, लेकिन ऊंचाई वाले स्थानों में हो रही जोरदार बारिश से जलस्तर बढ़ रहा है। भागीरथी नदी से 450 और भिलंगना नदी से 300 क्यूमेक्स पानी झील में आ रहा है, जबकि झील से नदी की ओर से 220 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। जलस्तर में वृद्धि होने से बांध की चारों टरबाइनें चल रही है, जिनसे करीब आठ मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। हालांकि जलस्तर बढ़ने से टीएचडीसी को फायदा होने लगा है। बावजूद झील से सटे क्षेत्रों में भू-धंसाव की संभावना बढ़ने लगी है, जिसके चलते लंबे समय से भू-धंसाव की जद में रह रहे बांध प्रभावितों की मुश्किलें बढ़ सकती है।
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