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अधर में लटका जीआइसी गरवाण गांव का भवन निर्माण
Updated Sun, 22 Jul 2018 10:28 PM IST
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नई टिहरी। प्रतापनगर ब्लॉक के उपली रमोली पट्टी के जीआईसी गरवाण गांव का भवन निर्माण दो साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। भवन नहीं बनने से 307 छात्र-छात्राएं खुले मैदान में पढ़ाई करने को मजबूर है। अभिभावक लंबे समय से भवन निर्माण पूरा करवाने के लिए बजट की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार अवशेष निर्माण को 54 लाख रुपये जारी नहीं कर रही है।
वर्ष 2015 में प्रतापनगर के जीआईसी गरवाणगांव के भवन निर्माण को सरकार ने एक करोड़ 12 लाख की स्वीकृति देकर प्रथम किश्त के रूप में 58 लाख रुपये जारी किए थे। 2016 में पेयजल निगम चंबा ने निर्माण कार्य शुरू किया था। छह माह के अंदर भवन निर्माण पूरा करके देना था। नए भवन निर्माण के लिए जीर्णशीर्ण हो चुके पुराने भवनों को ध्वस्तीकरण किया गया, लेकिन दो साल बाद भी भवन निर्माण पूरा न होने के कारण छात्रों को अब परेशानी झेलनी पड़ रही है। दूसरी किश्त 54 लाख रुपये डेढ़ साल बाद भी जारी न होने के कारण भवन निर्माण अधूरा पड़ा है। प्रतापनगर युवा मोर्चा के संयोजक मुलायम सिंह रावत, मुरलीधर सेमवाल ने बताया कि लंबे समय से भवन निर्माण न होने से छात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
कोट
अवशेष निर्माण को शासन से 54 लाख रुपये नहीं मिल पाए हैं, जिससे भवन निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। उम्मीद है कि जल्द भवन निर्माण को बजट मिलेगा।
-अमर ज्योति डोबरियाल, प्रबंधक पेयजल निगम चंबा।
भवन निर्माण पूरा न होने के कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में दिक्कत हो रही है। वर्तमान में दो टीनशेड में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
-बलवीर चौहान, प्रधानाचार्य, जीआईसी गरवाणगांव।
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वर्ष 2015 में प्रतापनगर के जीआईसी गरवाणगांव के भवन निर्माण को सरकार ने एक करोड़ 12 लाख की स्वीकृति देकर प्रथम किश्त के रूप में 58 लाख रुपये जारी किए थे। 2016 में पेयजल निगम चंबा ने निर्माण कार्य शुरू किया था। छह माह के अंदर भवन निर्माण पूरा करके देना था। नए भवन निर्माण के लिए जीर्णशीर्ण हो चुके पुराने भवनों को ध्वस्तीकरण किया गया, लेकिन दो साल बाद भी भवन निर्माण पूरा न होने के कारण छात्रों को अब परेशानी झेलनी पड़ रही है। दूसरी किश्त 54 लाख रुपये डेढ़ साल बाद भी जारी न होने के कारण भवन निर्माण अधूरा पड़ा है। प्रतापनगर युवा मोर्चा के संयोजक मुलायम सिंह रावत, मुरलीधर सेमवाल ने बताया कि लंबे समय से भवन निर्माण न होने से छात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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अवशेष निर्माण को शासन से 54 लाख रुपये नहीं मिल पाए हैं, जिससे भवन निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। उम्मीद है कि जल्द भवन निर्माण को बजट मिलेगा।
-अमर ज्योति डोबरियाल, प्रबंधक पेयजल निगम चंबा।
भवन निर्माण पूरा न होने के कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में दिक्कत हो रही है। वर्तमान में दो टीनशेड में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
-बलवीर चौहान, प्रधानाचार्य, जीआईसी गरवाणगांव।