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किसानों की आय दोगुनी करने के दावे हवाई
Updated Fri, 20 Jul 2018 10:40 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। किसानों की आय दोगुनी करने के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। यहां नगुण पट्टी में वर्ष 2013-14 में 80 लाख रुपये खर्च कर नलकूप तो लगाया गया, लेकिन सिंचाई के लिए अभी तक नहर नहीं बन पाई है।
ब्लॉक में नगुण पट्टी के ग्राम कंडारगांव, भंगर और उनियालगांव की करीब पांच हजार नाली असिंचित भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए वर्ष 2013-14 में भंगर में 80 लाख रुपये खर्च कर नलकूप लगाया गया था, जिसमें आठ इंच के तीन पाइपों से पानी की टेस्टिंग भी सफल रही। पूर्व प्रधान राय सिंह पंवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य राखी उनियाल, कमल सिंह असवाल और अतर सिंह कंडारी ने बताया कि चार साल पहले नलकूप बनने पर लोगों को सिंचाई की सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन कई बार प्रस्ताव देने पर भी लघु सिंचाई विभाग नहर नहीं बना पाया है। उन्होंने बताया कि बिजली का 1.94 लाख रुपये का बिल भी जमा किया गया है, लेकिन नहर नहीं बनने से नलकूप शोपीस बना हुआ है।
कोट
नहर बनाने के लिए ग्रामीणों की ओर से प्रस्ताव आता है, तो उसका इस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया जाएगा। धनराशि मिलने पर ही वहां नहर का निर्माण कराया जा सकता है।
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-अतुल कुमार पाठक, ईई, लघु सिंचाई विभाग नई टिहरी।
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ब्लॉक में नगुण पट्टी के ग्राम कंडारगांव, भंगर और उनियालगांव की करीब पांच हजार नाली असिंचित भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए वर्ष 2013-14 में भंगर में 80 लाख रुपये खर्च कर नलकूप लगाया गया था, जिसमें आठ इंच के तीन पाइपों से पानी की टेस्टिंग भी सफल रही। पूर्व प्रधान राय सिंह पंवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य राखी उनियाल, कमल सिंह असवाल और अतर सिंह कंडारी ने बताया कि चार साल पहले नलकूप बनने पर लोगों को सिंचाई की सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन कई बार प्रस्ताव देने पर भी लघु सिंचाई विभाग नहर नहीं बना पाया है। उन्होंने बताया कि बिजली का 1.94 लाख रुपये का बिल भी जमा किया गया है, लेकिन नहर नहीं बनने से नलकूप शोपीस बना हुआ है।
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कोट
नहर बनाने के लिए ग्रामीणों की ओर से प्रस्ताव आता है, तो उसका इस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया जाएगा। धनराशि मिलने पर ही वहां नहर का निर्माण कराया जा सकता है।
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-अतुल कुमार पाठक, ईई, लघु सिंचाई विभाग नई टिहरी।