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भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के एसआरटी परिसर नोडल सेंटर में काम शुरू

Tue, 26 Jun 2018 10:36 PM IST
Updated Tue, 26 Jun 2018 10:36 PM IST
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भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के एसआरटी परिसर नोडल सेंटर में काम शुरू
चंबा (टिहरी)। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क) ने ग्रामीण विकास और युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए बार्क के नोडल सेंटर एसआरटी परिसर बादशाहीथौल में पानी की स्वच्छता, मिट्टी की जांच के लिए विभिन्न मशीनों के ईजाद करने की तकनीकों का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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अभी तक परमाणु ऊर्जा विभाग के भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की विकसित तकनीकों का फायदा आमजन को नहीं मिल पाता था, लेकिन अब बार्क ने इन तकनीकों से सामाजिक क्षेत्र को फायदा पहुंचाने के लिए एसआरटी परिसर बादशाहीथौल स्थित राज्य स्तरीय नोडल सेंटर में काम शुरू कर दिया है। योजना को दो भागों में बांटा गया है। पहले भाग में नोडल सेंटर में बार्क की तकनीक से बनाए गए घरेलू जल शोधक, भू जैव कार्बन डिटेक्षन किट और सौर ऊर्जा पर आधारित ड्रायर चलाने का प्रशिक्षण युवाओं और स्थानीय लोगों को दिया जाएगा। वहीं दूसरे भाग में इन सभी मशीनों को बनाने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि बेरोजगार युवा इन मशीनों को तैयार करने का लघु उद्योग लगाकर आत्मनिर्भर हो सकेंगे। साथ ही लोग ईको फ्रैंडली मशीनों का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सहयोग कर सकेंगे।
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भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की तकनीकों से आमजन को फायदा पहुंचाने के लिए ग्राम स्तर पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी। शुरूआती तौर पर ग्रामीणों के साथ मशीनों का ट्रायल प्रशिक्षण भी आयोजित करवा लिया गया है।
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-प्रो. आरसी रमोला, निदेशक, एसआरटी परिसर बादशाहीथौल।

इन तकनीक का मिलेगा प्रशिक्षण
घरेलू जल शोधक
दूषित पेयजल की समस्या आम बात है। प्रदूषित जल का सेवन करने से लोगों को कई बीमारियां हो सकती हैं। इसे देखते हुए बार्क ने घरेलू जल शोधक तकनीक विकसित की है, जिसमें बिजली की जरूरत नहीं होती है। इस मशीन से बैक्टीरिया रहित शुद्ध पेयजल कैसे प्राप्त किया जा सकता है, नोडल सेंटर बादशाहीथौल में इसका लोगों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।

भू जैव कार्बन डिटेक्षन एंड टेस्टिंग किट
हर किसान जानकारी के अभाव में खेत की मिट्टी की टेस्टिंग नहीं कर पाता है, जिसका खामियाजा उसे कम फसल उत्पादन के रूप में झेलना पड़ता है। इसे देखते हुए सोलर भू जैव कार्बन डिटेक्षन टेस्टिंग किट से आसानी से मृदा में कार्बन और अन्य चीजों की जांच की जा सकती है। किसान नोडल सेंटर में प्रशिक्षण लेने के उपरांत अपने खेतों की मृदा प्रशिक्षण के लिए नोडल सेंटर से मशीन प्राप्त कर सकते है।


सोलर ड्रायर
किसान की कड़ी मेहनत के बाद उत्पादित किए गए अनाज में घुन लगने के कारण खराब हो जाता है। इसके समाधान के लिए बार्क ने सोलर ड्रायर बनाया है। सोलर ड्रायर सूर्य की रोशनी से चलाया जाता है। उत्पादित अनाज में घुन न लगे इसके लिए सोलर ड्रायर का प्रशिक्षण किसान नोडल सेंटर में आ कर प्राप्त कर सकते हैं।
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