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प्रधान, वीपीडीओ और जेई के खिलाफ होगी प्राथमिकी दर्ज
Updated Mon, 25 Jun 2018 10:52 PM IST
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नई टिहरी। जाखणीधार ब्लॉक के ग्राम पंचायत मोली में विकास कार्यों को मिली धनराशि का गबन करने वाले प्रधान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और अवर अभियंता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए सीडीओ ने डीपीआरओ को आदेश जारी किए हैं। साथ ही आरोपियों से गबन की गई चार लाख 80 हजार की धनराशि वसूलने के निर्देश दिए हैं।
मोली गांव में विकास कार्यों में लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायत मिल रही थी। पूर्व में जिला पंचायत राज अधिकारी ने विभागीय जांच कर अनियमितताएं पाई थी, जिसको देखते हुए डीपीआरओ ने 14 जून को वीपीडीओ दर्शन लाल झिल्डियाल को निलंबित कर दिया था। 22 जून को मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई के नेतृत्व में परियोजना निदेशक डीआरडीए भरत चंद्र भट्ट, जल संस्थान के ईई सतीश चंद्र नौटियाल और जिला पंचायत राज अधिकारी आरएस असवाल मोली गांव गए थे। टीम ने 2014-15 में तीन लाख 18 हजार की लागत से स्वीकृत बारातघर का निरीक्षण किया, तो धरातल केवल 86 हजार का काम पाया गया। वर्ष 2016-17 में दो लाख 90 हजार की धनराशि से स्वीकृत मोली से ईदगाह सीसी मार्ग पर केवल एक लाख 40 हजार का काम ही किया गया। गांव की पेयजल योजना के निर्माण पर 70 हजार का भुगतान लिया गया। जबकि पेयजल योजना का निर्माण 2016-17 में जल संस्थान देवप्रयाग ने दो लाख की लागत से कर दिया था। 2017-18 अंजनीसैंण में भागचंद के मकान से आनंद चौहान के मकान तक सीसी मार्ग के नाम पर 50 हजार की धनराशि का भुगतान लिया गया, लेकिन जांच में धरातल पर कोई काम नहीं पाया गया। जांच कमेटी ने प्रधान रामनाथ, वीपीडीओ दर्शन लाल झिल्डियाल समेत तत्कालीन जेई को दोषी माना है। उन्होंने आरोप पत्र में चार लाख 80 हजार 582 रुपये की वसूली करने और संबंधितों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज करने की संस्तुति की है। योजनाओं का सत्यापन कर एमबी करने वाले तत्कालीन जेई का मेजरमेंट बुक में केवल हस्ताक्षर हैं, उस पर मोहर और नाम नही है। इस पर जेई का नाम स्पष्ट नहीं है। डीपीआरओ असवाल ने बताया कि मंगलवार को जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सरकारी धन गबन की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
कोट
चार सदस्यीय जांच कमेटी ने चार लाख 80 हजार 582 रुपये की वसूली कर प्रधान, वीपीडीओ और जेई के खिलाफ प्राथमिक दर्ज करने की संस्तुति की है। डीपीआरओ को तत्काल आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वीपीडीओ को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
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-आशीष भटगांई, मुख्य विकास अधिकारी टिहरी।
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मोली गांव में विकास कार्यों में लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायत मिल रही थी। पूर्व में जिला पंचायत राज अधिकारी ने विभागीय जांच कर अनियमितताएं पाई थी, जिसको देखते हुए डीपीआरओ ने 14 जून को वीपीडीओ दर्शन लाल झिल्डियाल को निलंबित कर दिया था। 22 जून को मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई के नेतृत्व में परियोजना निदेशक डीआरडीए भरत चंद्र भट्ट, जल संस्थान के ईई सतीश चंद्र नौटियाल और जिला पंचायत राज अधिकारी आरएस असवाल मोली गांव गए थे। टीम ने 2014-15 में तीन लाख 18 हजार की लागत से स्वीकृत बारातघर का निरीक्षण किया, तो धरातल केवल 86 हजार का काम पाया गया। वर्ष 2016-17 में दो लाख 90 हजार की धनराशि से स्वीकृत मोली से ईदगाह सीसी मार्ग पर केवल एक लाख 40 हजार का काम ही किया गया। गांव की पेयजल योजना के निर्माण पर 70 हजार का भुगतान लिया गया। जबकि पेयजल योजना का निर्माण 2016-17 में जल संस्थान देवप्रयाग ने दो लाख की लागत से कर दिया था। 2017-18 अंजनीसैंण में भागचंद के मकान से आनंद चौहान के मकान तक सीसी मार्ग के नाम पर 50 हजार की धनराशि का भुगतान लिया गया, लेकिन जांच में धरातल पर कोई काम नहीं पाया गया। जांच कमेटी ने प्रधान रामनाथ, वीपीडीओ दर्शन लाल झिल्डियाल समेत तत्कालीन जेई को दोषी माना है। उन्होंने आरोप पत्र में चार लाख 80 हजार 582 रुपये की वसूली करने और संबंधितों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज करने की संस्तुति की है। योजनाओं का सत्यापन कर एमबी करने वाले तत्कालीन जेई का मेजरमेंट बुक में केवल हस्ताक्षर हैं, उस पर मोहर और नाम नही है। इस पर जेई का नाम स्पष्ट नहीं है। डीपीआरओ असवाल ने बताया कि मंगलवार को जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सरकारी धन गबन की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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चार सदस्यीय जांच कमेटी ने चार लाख 80 हजार 582 रुपये की वसूली कर प्रधान, वीपीडीओ और जेई के खिलाफ प्राथमिक दर्ज करने की संस्तुति की है। डीपीआरओ को तत्काल आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वीपीडीओ को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
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-आशीष भटगांई, मुख्य विकास अधिकारी टिहरी।