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फिर सुनसान हुई टिहरी झील
Updated Sun, 24 Jun 2018 10:36 PM IST
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नई टिहरी। रंग-बिरंगी बोटों का संचालन बंद होने से टिहरी झील में सन्नाटा पसरा हुआ है। रोमांच के शौकीनों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। बोटों का संचालन न होने से होटल और परिवहन व्यवसाय भी प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि झील में बोटों का संचालन शुरू करने के लिए सरकार को जल्द जल क्रीड़ा के नियम तय करने चाहिए।
जल क्रीड़ा के लिए नियम तय न होने पर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के निर्णय से प्रदेश सरकार को झटका लगा है। न्यायालय के निर्देश पर टिहरी झील पर्यटन विशेष क्षेत्र प्राधिकरण ने बीते दिन से बोटों का संचालन बंद करवा दिया है, लेकिन जानकारी के अभाव में सैलानी रविवार को भी बोटिंग के लिए झील किनारे पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। पूर्व पालिकाध्यक्ष उमेश चरण गुसाईं का कहना है कि सरकार को जल क्रीड़ा के लिए जल्द नीति तैयार करनी चाहिए। टिहरी में पर्यटन का एक मात्र माध्यम झील है। बोटिंग बंद होने से व्यवसाय के साथ जुड़े युवाओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। टिहरी गढ़वाल टैक्सी चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष टीम सिंह चौहान ने बताया कि नई टिहरी से कोटी कालोनी तक प्रतिदिन 10 से अधिक वाहन पर्यटक बुकिंग कर ले जाते थे। अब पर्यटकों की संख्या कम होने से बुकिंग नहीं मिल रही है।
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जल क्रीड़ा के लिए नियम तय न होने पर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के निर्णय से प्रदेश सरकार को झटका लगा है। न्यायालय के निर्देश पर टिहरी झील पर्यटन विशेष क्षेत्र प्राधिकरण ने बीते दिन से बोटों का संचालन बंद करवा दिया है, लेकिन जानकारी के अभाव में सैलानी रविवार को भी बोटिंग के लिए झील किनारे पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। पूर्व पालिकाध्यक्ष उमेश चरण गुसाईं का कहना है कि सरकार को जल क्रीड़ा के लिए जल्द नीति तैयार करनी चाहिए। टिहरी में पर्यटन का एक मात्र माध्यम झील है। बोटिंग बंद होने से व्यवसाय के साथ जुड़े युवाओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। टिहरी गढ़वाल टैक्सी चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष टीम सिंह चौहान ने बताया कि नई टिहरी से कोटी कालोनी तक प्रतिदिन 10 से अधिक वाहन पर्यटक बुकिंग कर ले जाते थे। अब पर्यटकों की संख्या कम होने से बुकिंग नहीं मिल रही है।
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