{"_id":"5af32e5d4f1c1b9f098b90fb","slug":"152588655416-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंबा में दस दिवसीय संस्कृत ज्ञान प्रशिक्षण शिविर शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंबा में दस दिवसीय संस्कृत ज्ञान प्रशिक्षण शिविर शुरू
Updated Wed, 09 May 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
चंबा (टिहरी)। उत्तरांचल संस्कृत भारती की पहल बुधवार से दस दिवसीय नि:शुल्क संस्कृत ज्ञान प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया। शिविर में संस्कृत भाषा के विशेषज्ञ युवाओं को प्रत्यक्ष विधि, मनोवैज्ञानिक विधि और मनोरंजक खेल के माध्यम से संस्कृत का ज्ञान देंगे। शिविर में 25 युवाओं ने संस्कृत का प्रशिक्षण लेने के लिए पंजीकरण किया है।
प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ डा. सुंदर लाल थपलियाल ने किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। संस्कृत में दुनिया की किसी भी भाषा से ज्यादा शब्द हैं। वर्तमान में संस्कृत के शब्दकोष में 102 अरब 78 करोड़ 50 लाख शब्द हैं। संस्कृत भारती के प्रांत मंत्री राकेश शर्मा ने कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति के विरासत का प्रतीक है। संस्कृत के अध्ययन से हमें मानव इतिहास के बारे में समझने और जानने का मौका मिलता है। बताया कि शिविर में प्रशिक्षणार्थियों को मनोवैज्ञानिक, प्रत्यक्ष विधि और मनोरंजक खेलों के जरिए संस्कृत का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मौके पर गुरु प्रसाद रयाल, शैलेंद्र डोभाल, जगदीश कोठियाल, डा. अमरीश चमोली, रविंद्र कोठारी, कृष्णा थपलियाल आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ डा. सुंदर लाल थपलियाल ने किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। संस्कृत में दुनिया की किसी भी भाषा से ज्यादा शब्द हैं। वर्तमान में संस्कृत के शब्दकोष में 102 अरब 78 करोड़ 50 लाख शब्द हैं। संस्कृत भारती के प्रांत मंत्री राकेश शर्मा ने कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति के विरासत का प्रतीक है। संस्कृत के अध्ययन से हमें मानव इतिहास के बारे में समझने और जानने का मौका मिलता है। बताया कि शिविर में प्रशिक्षणार्थियों को मनोवैज्ञानिक, प्रत्यक्ष विधि और मनोरंजक खेलों के जरिए संस्कृत का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मौके पर गुरु प्रसाद रयाल, शैलेंद्र डोभाल, जगदीश कोठियाल, डा. अमरीश चमोली, रविंद्र कोठारी, कृष्णा थपलियाल आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन