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योद्धा कफ्फू चौहान को दी श्रद्धांजली
Updated Fri, 04 May 2018 10:40 PM IST
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चंबा (टिहरी)। वीर शिरोमणी महायोद्धा कफ्फू चौहान की स्मृति में उप्पू में मेले का आयोजन किया गया। लोगों ने वीर योद्धा को याद कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
शुक्रवार को उप्पू, भल्डियाना, अलेरू सहित कई गांव के लोग ढोल-नगाड़ों के साथ उप्पू स्थित कफ्फू चौहान स्मारक में पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अनादि काल से ही वेदों, पुराणों, उपनिषदों और समस्त धर्म ग्रंथों में एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में जाना जाता रहा है। विक्रम सिंह चौहान ने कहा कि बावन गढ़ों में उप्पू गढ़ का प्रमुख स्थान है। उन्होंने कहा कि 16वीं सदी में राजा अजयपाल 52 गढ़ों पर विजय प्राप्त करने के लिए निकले। मगर उप्पू गढ़ के कफ्फू चौहान ने राजा अजयपाल की अधीनता स्वीकार नहीं की और अपने स्वाभिमान की खातिर अपना बलिदान दे दिया। आज के समय में भी चौहान की शौर्य गाथाएं युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। इस मौके पर उदय सिंह चौहान, खेम सिंह चौहान, रणवीर सिंह चौहान, कलम सिंह चौहान, आनंद स्वरूप जुयाल, सुमित्रा देवी, संगीता देवी आदि मौजूद थे।
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शुक्रवार को उप्पू, भल्डियाना, अलेरू सहित कई गांव के लोग ढोल-नगाड़ों के साथ उप्पू स्थित कफ्फू चौहान स्मारक में पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अनादि काल से ही वेदों, पुराणों, उपनिषदों और समस्त धर्म ग्रंथों में एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में जाना जाता रहा है। विक्रम सिंह चौहान ने कहा कि बावन गढ़ों में उप्पू गढ़ का प्रमुख स्थान है। उन्होंने कहा कि 16वीं सदी में राजा अजयपाल 52 गढ़ों पर विजय प्राप्त करने के लिए निकले। मगर उप्पू गढ़ के कफ्फू चौहान ने राजा अजयपाल की अधीनता स्वीकार नहीं की और अपने स्वाभिमान की खातिर अपना बलिदान दे दिया। आज के समय में भी चौहान की शौर्य गाथाएं युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। इस मौके पर उदय सिंह चौहान, खेम सिंह चौहान, रणवीर सिंह चौहान, कलम सिंह चौहान, आनंद स्वरूप जुयाल, सुमित्रा देवी, संगीता देवी आदि मौजूद थे।
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