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किसानों को बताई जलवायु परिर्वतन के अनुरूप खेती के उपाय
Updated Fri, 20 Apr 2018 10:48 PM IST
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नई टिहरी। औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी में उद्यान एवं यूएनडीएफ के वित्तीय सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय प्रगतिशील किसानों की प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन हुआ।
शुक्रवार को प्रशिक्षण कार्यशाला का कुलपति प्रो. सीएम शर्मा ने समापन करते हुए किसानों का उन्नत बीज वितरित किए। कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि विभिन्न कारणों से मौसम चक्र बदल रहा है, जिसके चलते किसानों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा है। कार्यक्रम समन्वयक डा. तेजपाल बिष्ट ने बताया कि विभिन्न वर्षों में उद्यान विभाग की ओर से जिन काश्तकारों ने पॉली हाउस बनाए हैं, उन्हेें खेती के तौर-तरिकों एवं जलवायु परिवर्तन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। पादप रोग विशेषज्ञ डा. लक्ष्मी रावत ने फल, सब्जियों पर लगने वाले कीटों से बचने के तरीके बताए। इस मौके पर डा. अमूल वशिष्ठ, डा. शंभू प्रसाद, सुमित चौधरी, देवेंद्र चौहान, उदय तड़ियाल, चंद्रमणी चमोली, रतनमणी बेलवाल, शूरवीर सिंह, हुकम सिंह, भगवती चमोली आदि मौजूद थे।
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शुक्रवार को प्रशिक्षण कार्यशाला का कुलपति प्रो. सीएम शर्मा ने समापन करते हुए किसानों का उन्नत बीज वितरित किए। कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि विभिन्न कारणों से मौसम चक्र बदल रहा है, जिसके चलते किसानों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा है। कार्यक्रम समन्वयक डा. तेजपाल बिष्ट ने बताया कि विभिन्न वर्षों में उद्यान विभाग की ओर से जिन काश्तकारों ने पॉली हाउस बनाए हैं, उन्हेें खेती के तौर-तरिकों एवं जलवायु परिवर्तन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। पादप रोग विशेषज्ञ डा. लक्ष्मी रावत ने फल, सब्जियों पर लगने वाले कीटों से बचने के तरीके बताए। इस मौके पर डा. अमूल वशिष्ठ, डा. शंभू प्रसाद, सुमित चौधरी, देवेंद्र चौहान, उदय तड़ियाल, चंद्रमणी चमोली, रतनमणी बेलवाल, शूरवीर सिंह, हुकम सिंह, भगवती चमोली आदि मौजूद थे।
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