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कोटी मैरों की और पोखरी में होने लगी पेयजल समस्या
Updated Tue, 17 Apr 2018 10:56 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक में नगुण पट्टी के ग्राम कोटी मैरों और पोखरी की पेयजल लाइन टूटने से ग्रामीण चार-पांच साल से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना पुनर्गठन की मांग कई बार की जा चुकी है, लेकिन जल निगम इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
कोटी मैरों की प्रधान हीमा देवी, ऐला देवी, रामचंद्र, विक्रम और पुलम सिंह ने बताया कि गांव के लिए 30 साल पहले डेढ़ किमी दूर से पेयजल लाइन बनाई गई थी, जो अब जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। स्रोत पर पर्याप्त पानी होने के बावजूद लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। यही समस्या पोखरी गांव में भी बनी हुई है। प्रधान बचन सिंह राणा ने बताया कि 13 साल पहले बनाई गई पेयजल लाइन सड़क निर्माण के कारण जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। जल निगम को प्रस्ताव भेजने पर भी लाइन का पुनर्गठन नहीं किया जा रहा है, जिससे पोखरी गांव सहित हेलमेट गांव सिल्ला, बडाली और तल्ला नामे तोक में पानी का संकट बना हुआ है। ईई आलोक कुमार का कहना है कि योजनाओं के पुनर्र्गठन के लिए तीन-चार साल से पैसा नहीं मिल रहा है। जिला योजना की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है। अब फिर से राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल प्रोग्राम शुरू किया गया है। उम्मीद है वहां से बजट मिल जाएगा।
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कोटी मैरों की प्रधान हीमा देवी, ऐला देवी, रामचंद्र, विक्रम और पुलम सिंह ने बताया कि गांव के लिए 30 साल पहले डेढ़ किमी दूर से पेयजल लाइन बनाई गई थी, जो अब जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। स्रोत पर पर्याप्त पानी होने के बावजूद लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। यही समस्या पोखरी गांव में भी बनी हुई है। प्रधान बचन सिंह राणा ने बताया कि 13 साल पहले बनाई गई पेयजल लाइन सड़क निर्माण के कारण जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। जल निगम को प्रस्ताव भेजने पर भी लाइन का पुनर्गठन नहीं किया जा रहा है, जिससे पोखरी गांव सहित हेलमेट गांव सिल्ला, बडाली और तल्ला नामे तोक में पानी का संकट बना हुआ है। ईई आलोक कुमार का कहना है कि योजनाओं के पुनर्र्गठन के लिए तीन-चार साल से पैसा नहीं मिल रहा है। जिला योजना की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है। अब फिर से राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल प्रोग्राम शुरू किया गया है। उम्मीद है वहां से बजट मिल जाएगा।
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