फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   नैनबाग-मूसरी एनएच भी वैली ब्रिज के भरोसे-ᄋ￵ᅳ

नैनबाग-मूसरी एनएच भी वैली ब्रिज के भरोसे-ᄋ￵ᅳ

Sun, 01 Apr 2018 10:56 PM IST
Updated Sun, 01 Apr 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
नैनबाग-मूसरी एनएच भी वैली ब्रिज के भरोसे-ᄋ￵ᅳ

विज्ञापन
नैनबाग (टिहरी)। दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग 507 की यातायात व्यवस्था अगलाड़ बैंड पर बने वैली ब्रिज के भरोसे है। पुल से वाहनों के आवागमन पर कोई निगरानी नहीं होने से यह पुल भी गगोरी में असी गंगा पर बने पुल की तरह कभी भी धराशायी हो सकता है। लापरवाही का आलम यह है कि वहां वर्ष 2009 में स्वीकृत स्थायी पुल के निर्माण पर दो करोड़ खर्च करने के बाद कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी को पुल के डूब क्षेत्र में होने का पता चला है। इसके बाद सालभर पहले पुल का निर्माण कार्य बंद किया गया, लेकिन अभी तक स्थायी पुल का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
उत्तरकाशी जिले के गंगोरी में असी गंगा पर बने वैली ब्रिज ढहने के बाद अगलाड़ बैंड पर बने वैली ब्रिज के अस्तित्व को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। नदी पर बने पुराने पुल के जर्जर होने से वर्ष 2009 में 3 करोड़ 62 लाख की लागत से नए पुल के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। कार्यदायी संस्थान पुल का निर्माण कार्य शुरू कर वर्ष 2016 तक दो करोड़ रुपये खर्च कर 20 फीसदी कार्य ही कर पाई थी कि रेट रिवाइज होने से कंपनी ने कार्य बंद कर दिया। इसके बाद एनएच खंड को सालभर पहले पता चला कि जहां पुल बनाया जा रहा है, वह हिस्सा वर्षों से प्रस्तावित लखवाड़-व्यासी बांध परियोजना के डूब क्षेत्र में है। आनन-फानन में विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये की लागत से 40 मीटर स्पान का वैली ब्रिज बनाया। क्षमता के मुताबिक इस पुल पर एक समय में एक ही वाहन चल सकता है, लेकिन कोई निगरानी नहीं होने से दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम सहित बड़कोट, पुरोला, उत्तरकाशी ,त्यूनी, हिमाचल प्रदेश, मसूरी, विकासनगर, देहरादून, सहारनपुर, दिल्ली आदि क्षेत्रों को जाने वाले लोग मनमर्जी से वाहनों का संचालन कर रहे हैं, जिससे यह वैली ब्रिज भी हादसे का कारण बन सकता है। पुल के दोनों तरफ साइन बोर्ड लगे है। इनमें स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि एक समय में पुल से एक ही वाहन जाए। 26 टन भार से अधिक क्षमता वाले वाहन पुल से आवागमन न करें। बावजूद इसके पुल पर एक समय में दो-दो वाहन सरपट दौड़ते रहते है।
विज्ञापन


इनका क्या है कहना
कालसी से बड़कोट तक दो लेन मार्ग के सर्वे की निविदा प्राप्त इस माह के अंत तक प्राप्त होने की उम्मीद है। इसी सर्वे में लखवाड़ व्यासी बांध परियोजना के तहत कुछ स्थान चिह्नित किए जाएंगे। उसके बाद ही स्थायी पुल का निर्माण किया जाएगा। पुल पर भारी वाहनों का आवागमन न हो, इसलिए वहां दोनों साइडों पर चेतावनी भरे साइन बोर्ड लगाए गए है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-नवनीत पांडेय, अधिशासी अभियंता एनएच 507 बड़कोट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed