{"_id":"5aa01cf64f1c1b5e6e8b9038","slug":"152044284815-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अच्छी शिक्षा से ही पूरा किया जा सकता है जीवन का सपना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अच्छी शिक्षा से ही पूरा किया जा सकता है जीवन का सपना
Updated Wed, 07 Mar 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
नई टिहरी। अच्छी शिक्षा लेकर ही अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है। मन में लगन और इच्छा हो तो सफलता जरूर मिलती है। टिहरी की सीएमओ डा. आरती ढौडियाल इसी बात में विश्वास करतीं है।
पौड़ी जिले के (डांग) श्बीनगर निवासी सीएमओ डा. आरती ढौडियाल ने इंटर की पढ़ाई उत्तरकाशी जीआईसी में की। पिता राजस्व विभाग में कार्यरत थे। बचपन से मन में डॉक्टर बनने की तमन्ना थी। लखनऊ जाकर एमबीबीएस करने की तैयारी में जुट गई और 1979 में कानपुर मेडिकल कालेज में एमबीबीएस के लिए चयन हुआ। तब चिकित्सा के क्षेत्र में गिनी चुनी लड़कियां ही जाया करती थी। पहली पोस्टिंग बाराबंकी में मेडिकल आफिसर के पद पर हुई। चिकित्सा क्षेत्र में रहते हुए गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया। गांवों में चिकित्सा कैंप लगाकर महिलाओं को हर रुटीन चेअकप के लिए अस्पताल आने की सलाह दी। पर्वतीय क्षेत्र में काम अधिक होने से महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाती हैं। महिलाओं और परिजनों को और अधिक जागरूक करने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग में हर दिन चुनौतियां आती रहती हैं, लेकिन चुनौतियों और जिम्मेदारी से कभी मुंह नहीं मोड़ना चाहिए। जिम्मेदारी के साथ काम कर हर चुनौती का समाधान हो जाता है।
विज्ञापन
पौड़ी जिले के (डांग) श्बीनगर निवासी सीएमओ डा. आरती ढौडियाल ने इंटर की पढ़ाई उत्तरकाशी जीआईसी में की। पिता राजस्व विभाग में कार्यरत थे। बचपन से मन में डॉक्टर बनने की तमन्ना थी। लखनऊ जाकर एमबीबीएस करने की तैयारी में जुट गई और 1979 में कानपुर मेडिकल कालेज में एमबीबीएस के लिए चयन हुआ। तब चिकित्सा के क्षेत्र में गिनी चुनी लड़कियां ही जाया करती थी। पहली पोस्टिंग बाराबंकी में मेडिकल आफिसर के पद पर हुई। चिकित्सा क्षेत्र में रहते हुए गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया। गांवों में चिकित्सा कैंप लगाकर महिलाओं को हर रुटीन चेअकप के लिए अस्पताल आने की सलाह दी। पर्वतीय क्षेत्र में काम अधिक होने से महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाती हैं। महिलाओं और परिजनों को और अधिक जागरूक करने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग में हर दिन चुनौतियां आती रहती हैं, लेकिन चुनौतियों और जिम्मेदारी से कभी मुंह नहीं मोड़ना चाहिए। जिम्मेदारी के साथ काम कर हर चुनौती का समाधान हो जाता है।
विज्ञापन