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घर बैठे ही मिलेगी संस्कृत पढने और सीखने की सुविधा
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:52 PM IST
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चंबा (टिहरी)। नगरवासियों को अब घर बैठे ही संस्कृत भाषा पढ़ने और सीखने की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए संस्कृत भारती ने दो वर्षीय पत्राचार कोर्स शुरू करने जा रहा है। मार्च माह से विधिवत ढंग से दाखिला होने के बाद साप्ताहिक कक्षाएं भी चलाई जाएंगी।
यहां आयोजित बैठक में संस्कृत भाषा के महत्व पर चर्चा की गई। संस्कृत भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रताप सिंह ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। संस्कृत में दुनिया की किसी भी भाषा से ज्यादा शब्द हैं। वर्तमान में संस्कृत के शब्दकोष में 102 अरब 78 करोड़ 50 लाख शब्द हैं। कहा कि संस्कृत दुनिया की अकेली ऐसी भाषा है, जिसे बोलने में जीभ की सभी मांसपेशियों का इस्तेमाल होता है। कहा कि आज दुनियाभर में इसी महिमा को देखते हुए लोगों में संस्कृत भाषा को सीखने की ललक पैदा हो रही है। संस्कृत भारती के प्रांत मंत्री राकेश शर्मा ने कहा कि संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए दो वर्षीय पत्राचार कोर्स का पाठ्यक्रम तैयार कर लिया गया है। इस कोर्स के जरिए लोग घर बैठे ही अपना दाखिला कराकर बेसिक स्तर से संस्कृत को पढना और लिखना सीख सकेंगे। बताया कि आगामी मार्च माह से विधिवत दाखिला शुरू हो जाएंगे। छात्रों के संदेहों को दूर करने के लिए संस्कृत भारती सप्ताह में अलग से कक्षाएं भी लगाएगी। कोर्स समाप्ति के बाद प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। बैठक में नगर संयोजिका डॉ. भारती, नगर संपर्क प्रमुख नरेश थपलियाल, राकेश बधानी, शक्ति प्रसाद उनियाल, रविंद्र कोठारी, विपुल घिल्डियाल आदि मौजूद थे।
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यहां आयोजित बैठक में संस्कृत भाषा के महत्व पर चर्चा की गई। संस्कृत भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रताप सिंह ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। संस्कृत में दुनिया की किसी भी भाषा से ज्यादा शब्द हैं। वर्तमान में संस्कृत के शब्दकोष में 102 अरब 78 करोड़ 50 लाख शब्द हैं। कहा कि संस्कृत दुनिया की अकेली ऐसी भाषा है, जिसे बोलने में जीभ की सभी मांसपेशियों का इस्तेमाल होता है। कहा कि आज दुनियाभर में इसी महिमा को देखते हुए लोगों में संस्कृत भाषा को सीखने की ललक पैदा हो रही है। संस्कृत भारती के प्रांत मंत्री राकेश शर्मा ने कहा कि संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए दो वर्षीय पत्राचार कोर्स का पाठ्यक्रम तैयार कर लिया गया है। इस कोर्स के जरिए लोग घर बैठे ही अपना दाखिला कराकर बेसिक स्तर से संस्कृत को पढना और लिखना सीख सकेंगे। बताया कि आगामी मार्च माह से विधिवत दाखिला शुरू हो जाएंगे। छात्रों के संदेहों को दूर करने के लिए संस्कृत भारती सप्ताह में अलग से कक्षाएं भी लगाएगी। कोर्स समाप्ति के बाद प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। बैठक में नगर संयोजिका डॉ. भारती, नगर संपर्क प्रमुख नरेश थपलियाल, राकेश बधानी, शक्ति प्रसाद उनियाल, रविंद्र कोठारी, विपुल घिल्डियाल आदि मौजूद थे।
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