{"_id":"5a5252f84f1c1bc20a8b7086","slug":"15153448041316-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"16 सालों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक कदम आगे नहीं बढ़ा लंबगांव और अगरोड़ा महावद्यिलय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
16 सालों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक कदम आगे नहीं बढ़ा लंबगांव और अगरोड़ा महावद्यिलय
Updated Sun, 07 Jan 2018 10:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लंबगांव (टिहरी)। लंबगांव और अगरोड़ा महाविद्यालयों में स्वीकृति के बाद भी विज्ञान और कामर्स संकाय शुरू नहीं हो पा रहा है, जिससे छात्रों को बीएससी, एमएससी, बीकॉम और एमकॉम के लिए 55 किमी दूर उत्तरकाशी या फिर 70 किमी दूर नई टिहरी जाना पड़ रहा है।
प्रतापनगर वर्ष 2001 में लंबगांव और अगरोड़ा में महाविद्यालय खुला। लंबगांव महाविद्यालय में बीए और एमएम की कक्षाएं चल रही है, जबकि अगरोड़ा में सिर्फ बीए है। अगरोड़ा महाविद्यालय में विज्ञान संकाय शुरू करने की स्वीकृति 2009-10 में मिली थी। उच्च शिक्षा विभाग की पैनल टीम ने महाविद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया था, लेकिन पैनल की यह रिपोर्ट महाविद्यालय प्रशासन को उपलब्ध नहीं हो पाई। वर्ष 2016 में लंबगांव महाविद्यालय में विज्ञान संकाय और अगरोड़ा महाविद्यालय में एमए की कक्षाओं को स्वीकृति मिली थी। स्वीकृति का यह शासनादेश शासन की फाइलों में ही कैद होकर रह गया।
अगरोड़ा महाविद्यालय की प्राचार्य डा. जानकी पंवार ने बताया कि विज्ञान संकाय शुरू करने के लिए एक माह पूर्व ही उच्च शिक्षा निदेशक को दोबारा से पैनल कराने को पत्र भेजा गया है। लंबगांव महाविद्यालय के प्राचार्य डा. पंकज पंत ने बताया कि महाविद्यालय में वर्तमान में छात्र संख्या 301 है। छात्र संख्या के हिसाब से महाविद्यालय के पास संसाधन पर्याप्त है।
विज्ञापन
कोट
लंबगांव और अगरोड़ा महाविद्यालय में विज्ञान संकाय शुरू करने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बीते नवंबर में सेम मुखेम मेेले में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डीएम से मामले में रिपोर्ट मांगी है।
-विजय सिंह पंवार, विधायक प्रतापनगर
विज्ञापन
प्रतापनगर वर्ष 2001 में लंबगांव और अगरोड़ा में महाविद्यालय खुला। लंबगांव महाविद्यालय में बीए और एमएम की कक्षाएं चल रही है, जबकि अगरोड़ा में सिर्फ बीए है। अगरोड़ा महाविद्यालय में विज्ञान संकाय शुरू करने की स्वीकृति 2009-10 में मिली थी। उच्च शिक्षा विभाग की पैनल टीम ने महाविद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया था, लेकिन पैनल की यह रिपोर्ट महाविद्यालय प्रशासन को उपलब्ध नहीं हो पाई। वर्ष 2016 में लंबगांव महाविद्यालय में विज्ञान संकाय और अगरोड़ा महाविद्यालय में एमए की कक्षाओं को स्वीकृति मिली थी। स्वीकृति का यह शासनादेश शासन की फाइलों में ही कैद होकर रह गया।
विज्ञापन
अगरोड़ा महाविद्यालय की प्राचार्य डा. जानकी पंवार ने बताया कि विज्ञान संकाय शुरू करने के लिए एक माह पूर्व ही उच्च शिक्षा निदेशक को दोबारा से पैनल कराने को पत्र भेजा गया है। लंबगांव महाविद्यालय के प्राचार्य डा. पंकज पंत ने बताया कि महाविद्यालय में वर्तमान में छात्र संख्या 301 है। छात्र संख्या के हिसाब से महाविद्यालय के पास संसाधन पर्याप्त है।
विज्ञापन
कोट
लंबगांव और अगरोड़ा महाविद्यालय में विज्ञान संकाय शुरू करने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बीते नवंबर में सेम मुखेम मेेले में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डीएम से मामले में रिपोर्ट मांगी है।
-विजय सिंह पंवार, विधायक प्रतापनगर