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भूमि प्रतिकर के लिए पीएमजीएसवाई के चक्कर काट रहे काश्तकार
Updated Thu, 04 Jan 2018 10:37 PM IST
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नई टिहरी। प्रतापनगर ब्लॉक में देवल-भेलुंता सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि के प्रतिकर भुगतान में भारी अनियमितता का आरोप लगाया गया है। कई काश्तकारों का कहना है कि पीएमजीएसवाई ने मिलीभगत से मनमर्जी का मुआवजा बांटा है, जबकि इन सात सालों में अभी तक कई लोगों को भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रतापनगर ब्लॉक में देवल-भेलुंता मोटर मार्ग का निर्माण वर्ष 2010 में शुरू किया गया था। अब सड़क का द्वितीय फेज (डामरीकरण) का कार्य भी अंतिम चरण में है, लेकिन अभी तक सड़क बनाने के लिए काटी गई भूमि का कई भूस्वामियों को प्रतिकर भुगतान नहीं किया गया है। काश्तकार भूदेव कुड़ियाल ने बताया कि विभाग ने मुआवजा वितरण में भारी अनियमितता बरती है। पुल के एक तरफ जहां 15 हजार प्रतिनाली का भुगतान किया गया है, वहीं दूसरी तरफ 65 हजार रुपये प्रतिनाली का मुआवजा दिया गया है। उन्होंने जल्द मुआवजा नहीं देने पर लोनिवि दफ्तर में धरने पर बैठने की चेतावनी दी। गांव की सरिता कुड़ियाल ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के लिए उनके कई खेत काटे गए हैं, लेकिन भूस्वामियों को इसकी सूचना तक नहीं दी गई। अभी तक मुआवजा भी नहीं दिया गया है, जिससे काश्तकारों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कोट
भूमि प्रतिकर का भुगतान सर्किल रेट के आधार पर किया गया है। अधिकतर लोगों ने भुगतान ले लिया है, जिन्होंने भुगतान नहीं लिया है। वह कार्यालय में आकर उस समय के सर्किल रेट के अनुरूप भुगतान ले सकते हैं।
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- राजेश कुमार सिंह, ईई पीएमजीएसवाई नई टिहरी।
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प्रतापनगर ब्लॉक में देवल-भेलुंता मोटर मार्ग का निर्माण वर्ष 2010 में शुरू किया गया था। अब सड़क का द्वितीय फेज (डामरीकरण) का कार्य भी अंतिम चरण में है, लेकिन अभी तक सड़क बनाने के लिए काटी गई भूमि का कई भूस्वामियों को प्रतिकर भुगतान नहीं किया गया है। काश्तकार भूदेव कुड़ियाल ने बताया कि विभाग ने मुआवजा वितरण में भारी अनियमितता बरती है। पुल के एक तरफ जहां 15 हजार प्रतिनाली का भुगतान किया गया है, वहीं दूसरी तरफ 65 हजार रुपये प्रतिनाली का मुआवजा दिया गया है। उन्होंने जल्द मुआवजा नहीं देने पर लोनिवि दफ्तर में धरने पर बैठने की चेतावनी दी। गांव की सरिता कुड़ियाल ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के लिए उनके कई खेत काटे गए हैं, लेकिन भूस्वामियों को इसकी सूचना तक नहीं दी गई। अभी तक मुआवजा भी नहीं दिया गया है, जिससे काश्तकारों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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भूमि प्रतिकर का भुगतान सर्किल रेट के आधार पर किया गया है। अधिकतर लोगों ने भुगतान ले लिया है, जिन्होंने भुगतान नहीं लिया है। वह कार्यालय में आकर उस समय के सर्किल रेट के अनुरूप भुगतान ले सकते हैं।
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- राजेश कुमार सिंह, ईई पीएमजीएसवाई नई टिहरी।