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लोक संस्कृति दिवस के रूप में मनाएं जन्म दिवस
Updated Wed, 06 Dec 2017 10:38 PM IST
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नई टिहरी। स्व. इंद्रमणी बडोनी मंच ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अग्रणी रहे स्व. इंद्रमणी बडोनी की जयंती को लोक संस्कृति दिवस के रूप में धूमधाम से मनाने की मांग की है।
मंच ने कहा कि राज्य की कई बड़े नेता जहां राज्य के पक्ष में नहीं थे, उस स्थिति में स्व. इंद्रमणी बडोनी पृथक राज्य की अलख जगाए रखे। इसलिए उन्हें उत्तराखंड का गांधी भी कहा जाता है। मंच के संस्थापक रमेश उनियाल ने कहा कि कई उत्तराखंडियों के बलिदान के बाद मिले राज्य आंदोलन के मुख्य सूत्रधार बडोनी रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की घोषणा के अनुरूप प्रदेश सरकार को 24 दिसंबर स्व. बडोनी की जयंती को लोक संस्कृति दिवस के रूप में धूमधाम से मनाने की मांग की है, जो उनके लिए राज्य वासियों की सच्ची श्रद्धांजली होगी।
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मंच ने कहा कि राज्य की कई बड़े नेता जहां राज्य के पक्ष में नहीं थे, उस स्थिति में स्व. इंद्रमणी बडोनी पृथक राज्य की अलख जगाए रखे। इसलिए उन्हें उत्तराखंड का गांधी भी कहा जाता है। मंच के संस्थापक रमेश उनियाल ने कहा कि कई उत्तराखंडियों के बलिदान के बाद मिले राज्य आंदोलन के मुख्य सूत्रधार बडोनी रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की घोषणा के अनुरूप प्रदेश सरकार को 24 दिसंबर स्व. बडोनी की जयंती को लोक संस्कृति दिवस के रूप में धूमधाम से मनाने की मांग की है, जो उनके लिए राज्य वासियों की सच्ची श्रद्धांजली होगी।
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