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स्वैच्छिक चकबंदी के इंतजार में बगोडी गांव के लोग
Updated Thu, 05 Oct 2017 10:31 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। कृषि उपज बढ़ाने के लिए थौलधार ब्लॉक के बगोडी गांव के लोग स्वैच्छिक चकबंदी करने के लिए आगे आए है। बगोडी गांव में निवासरत 60 परिवारों की ओर से इस संबंध में डीएम को प्रस्ताव सौंपा गया है। ग्रामीणों की मांग पर डीएम सोनिका ने सीडीओ को बगोडी गांव में स्वैच्छिक चकबंदी शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जारी दिए है।
बगोडी गांव के लोगों का कहना है कि वे एक हजार नाली से अधिक भ्ूामि पर कृषि कार्य करते है। खेत अलग-अलग जगह बिखरे पड़े हुए है। जंगली जानवरों से खेती की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम न होने के कारण काश्तकारों को खेती करने से लाभ नहीं मिल पा रहा है। जंगली जानवरों की समस्या से निजात पाने के लिए गांव के सभी 60 परिवारों ने स्वैच्छिक चकबंदी करने का फैसला लिया है। कहा कि उनके खेतों में धान, गेहूं, मंडुवा, सोयाबीन, तोर, चौलाई, गहत का अधिक उत्पादन होता है, लेकिन जंगली जानवर खेतों में तैयार फसल को क्षतिग्रस्त कर देते है। कहा स्वैच्छिक चकबंदी को लेकर सभी परिवारों के बीच पहले ही रायसुमारी हो चुकी है। शासन-प्रशासन के सहयोग से वे स्वैच्छिक चकबंदी करना चाहते है। ताकि भूमि की पैमाईश हो सके। स्वैच्छिक चकबंदी को कानूनी मान्यता मिल सके। बगोडी गांव के किशोर लाल जोशी, लाखीराम उनियाल, मधुसूदन जोशी, जीतराम जोशी, राकेश जोशी, सुशील जोशी, शिव प्रसाद ने जिला प्रशासन से स्वैच्छिक चकबंदी के लिए राजस्व विभाग की टीम को जल्द गांव में भेजकर भूमि की पैमाईश करने की मांग की है।
बगोडी गांव के लोगों का कहना है कि वे एक हजार नाली से अधिक भ्ूामि पर कृषि कार्य करते है। खेत अलग-अलग जगह बिखरे पड़े हुए है। जंगली जानवरों से खेती की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम न होने के कारण काश्तकारों को खेती करने से लाभ नहीं मिल पा रहा है। जंगली जानवरों की समस्या से निजात पाने के लिए गांव के सभी 60 परिवारों ने स्वैच्छिक चकबंदी करने का फैसला लिया है। कहा कि उनके खेतों में धान, गेहूं, मंडुवा, सोयाबीन, तोर, चौलाई, गहत का अधिक उत्पादन होता है, लेकिन जंगली जानवर खेतों में तैयार फसल को क्षतिग्रस्त कर देते है। कहा स्वैच्छिक चकबंदी को लेकर सभी परिवारों के बीच पहले ही रायसुमारी हो चुकी है। शासन-प्रशासन के सहयोग से वे स्वैच्छिक चकबंदी करना चाहते है। ताकि भूमि की पैमाईश हो सके। स्वैच्छिक चकबंदी को कानूनी मान्यता मिल सके। बगोडी गांव के किशोर लाल जोशी, लाखीराम उनियाल, मधुसूदन जोशी, जीतराम जोशी, राकेश जोशी, सुशील जोशी, शिव प्रसाद ने जिला प्रशासन से स्वैच्छिक चकबंदी के लिए राजस्व विभाग की टीम को जल्द गांव में भेजकर भूमि की पैमाईश करने की मांग की है।
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