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सौंदी गांव की सड़क बनाने को सालभर पहले मिला था बजट
Updated Sun, 10 Sep 2017 10:27 PM IST
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लंबगांव (टिहरी)। पीएमजीएसवाई की लापरवाही सौंदी गांव के लोगों पर भारी पड़ रही है। वर्षों से मांग करने के बाद वर्ष 2016 में छह किमी सड़क बनाने के लिए 3.40 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण आज तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। जिससे ग्रामीण पांच किमी पैदल नापने को मजबूर हैं।
प्रतापनगर ब्लॉक का सौंदी गांव दूरस्थ क्षेत्र में है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को जहां सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है, वहीं दो हजार की आबादी को हर रोज पांच किमी पैदल नापकर सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य जयपाल सिंह पंवार और प्रधान बचन लाल ने बताया कि सड़क के अभाव में समय पर इलाज नहीं मिलने से तीन साल पहले जहां एक 12 वर्षीय बच्चे ने दम तोड़ दिया था, वहीं तीन माह पहले एक प्रसव पीड़िता ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के बाद से ही सौंदी गांव को सड़क से जोड़ने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन वन विभाग से एनओसी मिलने, पेड़ों का छपान होने के बाद तीन करोड़ 40 लाख रुपये का बजट जारी होने के बाद भी पीएमजीएसवाई निर्माण कार्य शुरू नहीं कर पा रहा है। पीएमजीएसवाई के ईई राजेश कुमार का कहना है कि निविदा जारी करने पर कोई ठेकेदार शर्तें पूरी नहीं कर पाया, जिससे निविदा निरस्त करनी पड़ी। अब जल्द ही एक सप्ताह में निविदा जारी की जा रही है।
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प्रतापनगर ब्लॉक का सौंदी गांव दूरस्थ क्षेत्र में है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को जहां सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है, वहीं दो हजार की आबादी को हर रोज पांच किमी पैदल नापकर सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य जयपाल सिंह पंवार और प्रधान बचन लाल ने बताया कि सड़क के अभाव में समय पर इलाज नहीं मिलने से तीन साल पहले जहां एक 12 वर्षीय बच्चे ने दम तोड़ दिया था, वहीं तीन माह पहले एक प्रसव पीड़िता ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के बाद से ही सौंदी गांव को सड़क से जोड़ने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन वन विभाग से एनओसी मिलने, पेड़ों का छपान होने के बाद तीन करोड़ 40 लाख रुपये का बजट जारी होने के बाद भी पीएमजीएसवाई निर्माण कार्य शुरू नहीं कर पा रहा है। पीएमजीएसवाई के ईई राजेश कुमार का कहना है कि निविदा जारी करने पर कोई ठेकेदार शर्तें पूरी नहीं कर पाया, जिससे निविदा निरस्त करनी पड़ी। अब जल्द ही एक सप्ताह में निविदा जारी की जा रही है।
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