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शिशुओं को कुपोषण से बचाव की दी जानकारी
Updated Thu, 07 Sep 2017 10:15 PM IST
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नई टिहरी। कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी की ओर से एक सितंबर से आयोजित राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का समापन हुआ। केंद्र ने सप्ताहभर में विभिन्न स्कूलों में गोष्ठियां कर शिशुओं को कुपोषण से बचाने की जानकारी दी।
समापन पर केवीके की वैज्ञानिक व कार्यक्रम समन्वयक कीर्ति कुमारी ने महिलाओं व नवजात शिशुओं के पोषण के बारे में हेंवलवाणी रेडियो में आयोजित चर्चा में जानकारी दी गई। बताया कि महिलाओं व बच्चों में होने वाली बीमारियों एवं कुपोषण से निपटने के लिए पौष्टिक आहर लेना चाहिए। वैज्ञानिक डा. मीनाक्षी डोभाल ने नवजात शिशुओं को कुपोषण से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण मां का दूध बताया। वैज्ञानिक डा. आशीष त्यागी, शिखा ने भी जानकारी दी। सप्ताहभर में कृषि विभाग, सेवा-टीएचडीसी के सहयोग से जीआईसी कुलोगी, पटागली, सावली आदि में भी गोष्ठी आयोजित की गई। इस मौके पर एसके पांडेय, जगत सिंह लोधी, बबीता सजवाण, अल्का सजवाण मौजूद थे।
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समापन पर केवीके की वैज्ञानिक व कार्यक्रम समन्वयक कीर्ति कुमारी ने महिलाओं व नवजात शिशुओं के पोषण के बारे में हेंवलवाणी रेडियो में आयोजित चर्चा में जानकारी दी गई। बताया कि महिलाओं व बच्चों में होने वाली बीमारियों एवं कुपोषण से निपटने के लिए पौष्टिक आहर लेना चाहिए। वैज्ञानिक डा. मीनाक्षी डोभाल ने नवजात शिशुओं को कुपोषण से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण मां का दूध बताया। वैज्ञानिक डा. आशीष त्यागी, शिखा ने भी जानकारी दी। सप्ताहभर में कृषि विभाग, सेवा-टीएचडीसी के सहयोग से जीआईसी कुलोगी, पटागली, सावली आदि में भी गोष्ठी आयोजित की गई। इस मौके पर एसके पांडेय, जगत सिंह लोधी, बबीता सजवाण, अल्का सजवाण मौजूद थे।
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