{"_id":"b017a212-f07c-11e2-b293-001e671f54a0","slug":"sugar-getting-on-first-come-first-serve-basis","type":"story","status":"publish","title_hn":"दौड़कर आओ तो ही मिलेगी चीनी...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दौड़कर आओ तो ही मिलेगी चीनी...
देहरादून/ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jul 2013 05:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून शहर में चीनी आनी शुरू हो गई है, लेकिन सभी उपभोक्ताओं को चीनी मिल सकेगी, इस पर संशय पैदा हो गया है।
विज्ञापन
जिला पूर्ति विभाग ने राशन विक्रेताओं को मिल रही चीनी की मात्रा बढ़ाने से इंकार कर दिया है। जिसके बाद अब जो पहले आएगा, उसकी को चीनी मिल सकेगी।
जिले को जुलाई महीने के लिए 910 मीट्रिक टन चीनी का आवंटन किया गया है। मगर यह सभी राशन कार्ड धारकों को मिल सकेगी, इस बारे में जिला पूर्ति विभाग भी मुंह बंद कर बैठा हुआ है।
गोदाम से दुकानदारों को 425 ग्राम प्रति यूनिट के हिसाब से चीनी मिल रही है, लेकिन डीएसओ ने 500 ग्राम प्रति यूनिट के हिसाब से चीनी बांटने के आदेश दिए हैं। इस कारण शुक्रवार को उत्तराखंड सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के जिला पदाधिकारियों ने डीएसओ श्याम आर्य से वार्ता की।
विज्ञापन
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता ने डीएसओ से गोदाम से मिल रही चीनी की मात्रा 450 ग्राम प्रति यूनिट करवाने की मांग की, लेकिन उन्होंने इससे साफ इंकार कर दिया। इस दौरान राशन विक्रेताओं और डीएसओ के बीच काफी गहमागहमी भी हुई।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष दिनेश चौहान ने कहा कि कम चीनी मिल रही है, इस कारण सभी को चीनी मिल पाना संभव नहीं है। जो पहले आएगा उसी को चीनी मिल पाएगी।
शहर के सौ बोरे आपदा के नाम
जिले को आवंटित चीनी के कोटे में से शहर के हिस्से के सौ बोरे चीनी आपातकालीन स्थिति के लिए अलग रखे गए हैं। इस कारण शहर में चीनी की भी कमी सामने आई है।
जितेंद्र गुप्ता ने कहा कि अगर आपदा के नाम पर चीनी कटौती हो रही है तो पूरे जिले के कोटे से होनी चाहिए। सिर्फ शहर क्षेत्र के कोटे में कटौती क्यों की जा रही है।