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'मोदी नहीं राज्य सरकार करेगी केदारनाथ में पुनर्निर्माण'

Wed, 16 Oct 2013 12:03 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 16 Oct 2013 12:03 AM IST
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state government done all work in kedarnath

जून मध्य में आई दैवी आपदा से सर्वाधिक प्रभावित केदारघाटी के लिए प्रदेश सरकार विशेष पैकेज देगी। पैकेज की घोषणा अगले कुछ दिनों के ही भीतर होने की संभावना है।

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माना जा रहा है कि केंद्र से पुनर्निर्माण और पुनर्विकास का पैकेज मिलने के बाद प्रदेश सरकार इसकी घोषणा करे। इस पैकेज में स्थानीय लोगों के जन-जीवन को दुबारा से पटरी पर लाने और क्षेत्र के समग्र विकास की योजनाएं होंगी।
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केदारनाथ पर स्टडी रिपोर्ट आ चुकी
साथ ही आपदा पीड़ितों को अधिक से आर्थिक मदद होगी। अपने आवास पर पत्रकारों से बीतचीत में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बताया कि जियोलाकिल सर्वे आफ इंडिया (जीएसआई) की केदारनाथ पर स्टडी रिपोर्ट आ चुकी है।
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प्रधानमंत्री द्वारा बनाई गई केंद्रीय कैबिनेट उप समिति की इस रिपोर्ट पर मुहर लगने के बाद उसके सुझावों और नक्शे पर केदारनाथ के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।

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फिलवक्त बना पैदल मार्ग अस्थायी

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि केदारनाथ के लिए फिलवक्त बना पैदल मार्ग अस्थायी है। स्थायी मार्ग का निर्माण जीएसआई, एएसआई और वाडिया इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट आने के बाद शुरू होगा। एक मार्ग जाने का और दूसरा मार्ग लौटने का रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारघाटी के ऊपरी क्षेत्र में अब बर्फ पड़ने लगेगी, लेकिन निचले क्षेत्रों में मार्ग निर्माण का कार्य जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि जीएसआई की रिपोर्ट ने यह बात साफ कर दी गई है कि केदारनाथ से मलबा हटा नहीं सकते।

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निर्माण कार्य राज्य सरकार करेगी
उसी मलबे को ही बेस बनाकर निर्माण कार्य किए जा सकते हैं। केदारनाथ में सभी निर्माण कार्य राज्य सरकार करेगी। ज्ञात हो कि इससे पहले गुजरात के मुख्मंत्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की इच्छा जताई थी। उन्होंने बताया कि भगवान केदारनाथ का दर्शन कर लौटते वक्त गुप्तकाशी में स्थानीय लोगों और आपदा पीड़ितों से मुलाकात की थी।

विभिन्न संगठनों के साथ चर्चा हुई। सभी को आश्वस्त किया गया कि केदारनाथ में जिनकी संपत्ति थी, उन्हें भवन के बदले प्रदेश सरकार भवन बनाकर देगी। भवन कहां बनेगा, यह जीएसआई की रिपोर्ट खुलने के बाद तय होगा।

जिन लोगों की दुकानें थी, उन्हें भी बेहतर विकल्प प्रदेश सरकार मुहैया कराएगी। लोग इस पर राजी हैं। वहीं जिन परिवारों में आपदा से मृत्यु हुई है, उनके बच्चों की एक साल तक की फीस प्रदेश सरकार देगी। 16 साल तक की कन्या के विवाह हेतु एक लाख रुपये की फिक्स डिपाजिट दिया जाएगा।

भाजपा पर बरसे मुख्यमंत्री
गुप्तकाशी में स्थानीय आपदा पीड़ितों से मुलाकात के दौरान हुए हंगामे की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा लोगों को भ्रमित कर रही है। उन्होंने कहा कि वे स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनका दुख-दर्द समझना चाहते थे और उनकी तकलीफ दूर करने की मंशा से पहुंचे थे, लेकिन भाजपा के लोगों ने इसमें व्यवधान डाला।

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केदारघाटी के पुनर्निर्माण और पुनर्विकास के लिए बने प्राधिकरण को लेकर भी भाजपा गलत बयानी कर रही है। आपदा में पूरा क्षेत्र तहस-नहस हो चुका है। पेयजल, बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। सड़कें-पुल और पुलिया बह गए हैं। गांव बर्बाद हो चुके हैं। काफी बड़े स्तर पर विकास कार्य होने है।

नियोजित विकास के लिए ही प्राधिकरण का गठन किया गया है। न कि केदारनाथ मंदिर और नगर पंचायत के कार्य क्षेत्र में किसी तरह का हस्तक्षेप करने के लिए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आपदा पर भाजपा राजनीति कर रही है और लोगों में गलत फहमी पैदा करने का काम कर रही है।

केदारनाथ में उतरे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने 11 सितंबर को केदारनाथ में पूजा बहाली वाले दिन भी पहुंचने का प्रयास किया था। लेकिन मौसम के साथ नहीं देने के चलते रास्ते से लौटना पड़ा था। आपदा के वक्त भी एरियल निरीक्षण ही कर सके थे।

तीसरे प्रयास में मंगलवार को वे केदारनाथ धाम में उतर सके और भगवान केदारनाथ का दर्शन किया। साथ ही 16-17 जून को आए जल प्रलय से हुई तबाही देखी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केदारनाथ मंदिर के पिछले हिस्से की सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। बाकी निर्माण कार्य जीएसआई की रिपोर्ट का खुलासा होने के बाद शुरू होगा। मुख्यमंत्री के साथ केदारनाथ के दर्शन को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा, प्रदेश के कृषि मंत्री हरक सिंह रावत और यशपाल आर्य भी पहुंचे थे।

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