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चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने वाली महिलाएं हासीये पर
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जनपद की जनसंख्या में 52 प्रतिशत से अधिक भागीदारी वाली आधी आबादी की भूमिका इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में बहुत खास होने जा रही है। दोनों विधानसभा सीट पर इस बार 97378 महिलाएं अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगी। लेकिन राज्य निर्माण के बाद से हुए बीते विस चुनावों के बाद भी महिला सुविधाओं को लेकर जिले में ठोस पहल नहीं हो पाई है।
केदारनाथ विस से 2002 से 12 तक हुए तीन विस चुनाव में भाजपा व कांग्रेस से महिला विधायक चुनी गई, लेकिन सुविधाएं फिर भी नसीब नहीं हो पाईं। इस बार हो रहे विस चुनाव में जिले में कुल 192722 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिसमें 97378 महिलाएं हैं। रुद्रप्रयाग विस में 51862 और केदारनाथ विस में 45516 महिला मतदाता हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से देखे तो प्रसव से जुड़े 75 फीसदी मामले पीएचसी, सीएचसी से लेकर जिला चिकित्सालय से सीधे हायर सेंटर रेफर हो रहे हैं। टीकाकरण के लिए दूरस्थ गांवों की गर्भवती व धात्री महिलाओं को आज भी 6 से 8 किमी पैदल नापना पड़ रहा है।
दूसरी तरफ बालिका शिक्षा हाशिए पर है। जिले में दो जीजीआईसी व एक कन्या हाईस्कूल संचालित हो रहा है, जहां सुविधाओं का टोटा है। इन हालातों में कई दूरस्थ गांवों की 25 फीसदी से अधिक बालिकाएं स्कूल दूर होने के कारण हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के बाद नहीं पढ़ पा रही हैं। जिले में जेएनएम/एएनएम ट्रेनिंग सेंटर घोषणा भी फलीभूत नहीं हो पाई। पूर्व क्षेपं सदस्य जीवंती देवी का कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने कभी इस विषय को गंभीरता से लिया ही नहीं। इधर, जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार जिले में पुरुष मतदाताओं की अपेक्षा महिला मतदाताओं की संख्या 2034 अधिक है।
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रुद्रप्रयाग में बढ़े 13 हजार 360 मतदाता
जनपद के 192722 मतदाता रुद्रप्रयाग व केदारनाथ विस सीट पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। विस चुनाव 2017 के सापेक्ष इस बार जिले में 13360 वोटर बढ़े हैं। साथ ही रुद्रप्रयाग विस में मतदाताओं की संख्या एक लाख पार हो गई है। लगभग ढाई लाख जनसंख्या वाले रुद्रप्रयाग की जखोली, ऊखीमठ और अगस्त्यमुनि विकासखंड की 79.42 आबादी को मतदान का अधिकार मिल चुका है, जो पूरे जिले के लिए विशेष उपलब्धि है। इस बार 192722 वोटर दो विस सीटों पर अपना वोट देंगे। संवाद
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केदारनाथ विस से 2002 से 12 तक हुए तीन विस चुनाव में भाजपा व कांग्रेस से महिला विधायक चुनी गई, लेकिन सुविधाएं फिर भी नसीब नहीं हो पाईं। इस बार हो रहे विस चुनाव में जिले में कुल 192722 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिसमें 97378 महिलाएं हैं। रुद्रप्रयाग विस में 51862 और केदारनाथ विस में 45516 महिला मतदाता हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से देखे तो प्रसव से जुड़े 75 फीसदी मामले पीएचसी, सीएचसी से लेकर जिला चिकित्सालय से सीधे हायर सेंटर रेफर हो रहे हैं। टीकाकरण के लिए दूरस्थ गांवों की गर्भवती व धात्री महिलाओं को आज भी 6 से 8 किमी पैदल नापना पड़ रहा है।
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दूसरी तरफ बालिका शिक्षा हाशिए पर है। जिले में दो जीजीआईसी व एक कन्या हाईस्कूल संचालित हो रहा है, जहां सुविधाओं का टोटा है। इन हालातों में कई दूरस्थ गांवों की 25 फीसदी से अधिक बालिकाएं स्कूल दूर होने के कारण हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के बाद नहीं पढ़ पा रही हैं। जिले में जेएनएम/एएनएम ट्रेनिंग सेंटर घोषणा भी फलीभूत नहीं हो पाई। पूर्व क्षेपं सदस्य जीवंती देवी का कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने कभी इस विषय को गंभीरता से लिया ही नहीं। इधर, जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार जिले में पुरुष मतदाताओं की अपेक्षा महिला मतदाताओं की संख्या 2034 अधिक है।
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रुद्रप्रयाग में बढ़े 13 हजार 360 मतदाता
जनपद के 192722 मतदाता रुद्रप्रयाग व केदारनाथ विस सीट पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। विस चुनाव 2017 के सापेक्ष इस बार जिले में 13360 वोटर बढ़े हैं। साथ ही रुद्रप्रयाग विस में मतदाताओं की संख्या एक लाख पार हो गई है। लगभग ढाई लाख जनसंख्या वाले रुद्रप्रयाग की जखोली, ऊखीमठ और अगस्त्यमुनि विकासखंड की 79.42 आबादी को मतदान का अधिकार मिल चुका है, जो पूरे जिले के लिए विशेष उपलब्धि है। इस बार 192722 वोटर दो विस सीटों पर अपना वोट देंगे। संवाद