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ग्रामीणों ने किया स्टोन क्रशर का विरोध
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Sat, 10 Dec 2016 09:01 PM IST
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अगस्त्यमुनि ब्लाक की तीन ग्राम पंचायतों ने जलई गांव के जौल्यूं तोक में लगाए गए स्टोन क्रशर प्लांट को जल्द बंद करने की मांग की है। जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने प्लांट से हो रहे नुकसान के बारे में बताते हुए जनहित में शीघ्र कार्रवाई की गुहार लगाई है।
ग्राम पंचायत जलई-सुरसाल, भीरी और टिमरिया के ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों का कहना है कि रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर भीरी से पहले जलई गांव के जौल्यूं तोक में मंदाकिनी नदी किनारे लगाया जा रहा स्टोन क्रशर प्लांट स्थानीय पर्यावरण व जनजीवन के लिए ठीक नहीं है। क्रशर की तेज आवाज से जहां जीआईसी भीरी में छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।
वहीं भीरी बाजार सहित भीरी, डमार, जलई, टिमरिया आदि गांवों में आम जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में 5 सौ मीटर के क्षेत्र में दो स्टोर क्रशर संचालित हो रहे हैं।
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ऐसे में बस्ती के बीच में एक और प्लांट स्थापित करना सही नहीं है। जबकि जून 2013 की आपदा के बाद से क्षेत्र संवेदनशील बना हुआ है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से ग्रामीणों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए क्रशर प्लांट पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन में ग्राम प्रधान मुन्नी देवी, बुंदी लाल, सती देवी, कुलदीप सिंह बिष्ट आदि के हस्ताक्षर हैं।
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ग्राम पंचायत जलई-सुरसाल, भीरी और टिमरिया के ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों का कहना है कि रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर भीरी से पहले जलई गांव के जौल्यूं तोक में मंदाकिनी नदी किनारे लगाया जा रहा स्टोन क्रशर प्लांट स्थानीय पर्यावरण व जनजीवन के लिए ठीक नहीं है। क्रशर की तेज आवाज से जहां जीआईसी भीरी में छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।
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वहीं भीरी बाजार सहित भीरी, डमार, जलई, टिमरिया आदि गांवों में आम जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में 5 सौ मीटर के क्षेत्र में दो स्टोर क्रशर संचालित हो रहे हैं।
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ऐसे में बस्ती के बीच में एक और प्लांट स्थापित करना सही नहीं है। जबकि जून 2013 की आपदा के बाद से क्षेत्र संवेदनशील बना हुआ है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से ग्रामीणों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए क्रशर प्लांट पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन में ग्राम प्रधान मुन्नी देवी, बुंदी लाल, सती देवी, कुलदीप सिंह बिष्ट आदि के हस्ताक्षर हैं।