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दो विभागों के फेर में फंसी सड़क बदहाल
अमर उजाला ब्यूरो तिलवाड़ा
Updated Sun, 17 Jan 2016 05:28 PM IST
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वर्ष 1996-97 में 10 किमी सूर्यप्रयाग-कंडाली-मुसढुंग सड़क स्वीकृत हुई थी। पहले पांच किमी का निर्माण पीएमजीएसवाई ने किया। वर्ष 2001 में इस पर छोटे वाहन भी चलने लगे, लेकिन कार्यदायी संस्था ने ाबाद में इसकी सुध नहीं ली। जून 2013 की आपदा में शीशों गांव के समीप करीब 10 मीटर पुश्ते का पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है।
कई स्थानों पर स्क्रबर टूटे हैं और निकास नाली ध्वस्त हो चुकी है। ऐसे में बरसात का पानी सड़क पर बहने से स्थिति बदहाल बनी हुई है। दूसरी तरफ कंडाली से मुसढुंग तक पांच किमी का निर्माण लोनिवि प्रांतीय खंड के अधीन है। ग्रामीणों के विवाद के कारण मार्ग का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। अब भी मुसढुंग तक जुड़ने के लिए दो सौ मीटर कटिंग शेष है।
सिलगढ़ विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष वीर सिंह ग्राम प्रधान शमा देवी, कौशल्या देवी, संगीता देवी आदि का कहना है कि विभागीय उदासीनता से मार्ग बदहाल है। मार्ग का निर्माण गुणवत्तापरक और समय पर होता तो इससे सिलगढ़ व बड़मा पट्टी के 90 गांवों को लाभ मिलता। उन्होंने डीएम से मार्ग का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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कई स्थानों पर स्क्रबर टूटे हैं और निकास नाली ध्वस्त हो चुकी है। ऐसे में बरसात का पानी सड़क पर बहने से स्थिति बदहाल बनी हुई है। दूसरी तरफ कंडाली से मुसढुंग तक पांच किमी का निर्माण लोनिवि प्रांतीय खंड के अधीन है। ग्रामीणों के विवाद के कारण मार्ग का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। अब भी मुसढुंग तक जुड़ने के लिए दो सौ मीटर कटिंग शेष है।
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सिलगढ़ विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष वीर सिंह ग्राम प्रधान शमा देवी, कौशल्या देवी, संगीता देवी आदि का कहना है कि विभागीय उदासीनता से मार्ग बदहाल है। मार्ग का निर्माण गुणवत्तापरक और समय पर होता तो इससे सिलगढ़ व बड़मा पट्टी के 90 गांवों को लाभ मिलता। उन्होंने डीएम से मार्ग का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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