देवस्थानम बोर्ड और मास्टर प्लान के विरोध में तीर्थपुरोहितों का केदारनाथ में धरना-प्रदर्शन 45वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए 17 सितंबर से आंदोलन को तेज गति देने का निर्णय भी लिया गया।
केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला के नेतृत्व में तीर्थपुरोहितों ने मंदिर परिसर में नारेबाजी के साथ मांगों की पूर्ति की मांग की। उन्होंने कहा कि आंदोलन के डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी शासन, प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है। कहा कि केदारनाथ पुनर्निर्माण के बाद से तीर्थपुरोहितों व हक-हकूकधारियों की निरंतर उपेक्षा की जा रही है, जिससे वे क्षुब्ध हैं। इस दौरान 17 सितंबर से उग्र आंदोलन को लेकर अग्रिम रणनीति को लेकर भी तीर्थपुरोहितों ने विचार-विमर्श किया। धरने में तेज प्रकाश पोस्ती, सौरभ शुक्ला, नवीन बगवाड़ी समेत अन्य तीर्थपुरोहित मौजूद थे। उधर, ऊखीमठ स्थित भैरव मंदिर परिसर में आचार्य त्रिवेदी का अर्धनग्न होकर धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। ब्यूरो