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Rudraprayag News: केदारनाथ दर्शनों के बाद कालीमठ लौटी मां काली की देवयात्रा
Tue, 22 Sep 2026 05:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Tue, 22 Sep 2026 05:10 PM IST
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फोटो
गुप्तकाशी। महासिद्धपीठ कालीमठ की मां काली की द्वितीय चरण की देवयात्रा मंगलवार को केदारनाथ दर्शनों के बाद कालीमठ पहुंचने के साथ संपन्न हो गई। 23 अगस्त से शुरू हुई देवयात्रा के दौरान मां काली ने केदारनाथ के साथ कालीमठ घाटी और केदारघाटी के विभिन्न गांवों में प्रवास कर श्रद्धालुओं को दर्शन दिए।
मंगलवार को खुमेरा से रिड़कोट होते हुए अपराह्न मां काली कालीमठ मंदिर पहुंचीं। इसके साथ ही द्वितीय चरण की देवयात्रा पूरी हुई। यात्रा समिति के अध्यक्ष लाखपत राणा ने बताया कि देवयात्रा के सफल आयोजन में पंचायतों के साथ बदरीकेदार मंदिर समिति, हकहकूकधारियों और आचार्यों का सहयोग रहा। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष इसी समय मां काली तृतीय चरण की देवयात्रा पर बदरीनाथ जाएंगी। इस अवसर पर कालीमठ पंचायत समिति के उपाध्यक्ष सुदर्शन राणा, महामंत्री आचार्य सुरेशानंद गौड़, पं. आनंदमणि सेमवाल और ग्राम प्रधान प्रदीप राणा मौजूद रहे। संवाद
मां नंदा लोकजात यात्रा गोठिंडा पहुंची
देवाल। नंदा लोकजात यात्रा और बधाण की मां नंदा की डोली मंगलवार को थराली ब्लॉक के गोठिंडा गांव पहुंची। यह यात्रा 25 सितंबर को सिद्धपीठ देवराड़ा मंदिर पहुंचकर समाप्त होगी। डोली मंगलवार सुबह बेराधार से रवाना हुई थी। बेराधार में ग्रामीणों ने मां नंदा की पूजा-अर्चना की। इसके बाद डोली टुंड्री गांव पहुंची जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। देर शाम यह यात्रा गोठिंडा पहुंची। ग्रामीणों ने मां नंदा की डोली का स्वागत किया। महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए और लोक जागर किए। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। समापन के बाद मां नंदा की डोली अगले छह महीने तक देवराड़ा मंदिर में ही विराजमान रहेगी। संवाद
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गुप्तकाशी। महासिद्धपीठ कालीमठ की मां काली की द्वितीय चरण की देवयात्रा मंगलवार को केदारनाथ दर्शनों के बाद कालीमठ पहुंचने के साथ संपन्न हो गई। 23 अगस्त से शुरू हुई देवयात्रा के दौरान मां काली ने केदारनाथ के साथ कालीमठ घाटी और केदारघाटी के विभिन्न गांवों में प्रवास कर श्रद्धालुओं को दर्शन दिए।
मंगलवार को खुमेरा से रिड़कोट होते हुए अपराह्न मां काली कालीमठ मंदिर पहुंचीं। इसके साथ ही द्वितीय चरण की देवयात्रा पूरी हुई। यात्रा समिति के अध्यक्ष लाखपत राणा ने बताया कि देवयात्रा के सफल आयोजन में पंचायतों के साथ बदरीकेदार मंदिर समिति, हकहकूकधारियों और आचार्यों का सहयोग रहा। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष इसी समय मां काली तृतीय चरण की देवयात्रा पर बदरीनाथ जाएंगी। इस अवसर पर कालीमठ पंचायत समिति के उपाध्यक्ष सुदर्शन राणा, महामंत्री आचार्य सुरेशानंद गौड़, पं. आनंदमणि सेमवाल और ग्राम प्रधान प्रदीप राणा मौजूद रहे। संवाद
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मां नंदा लोकजात यात्रा गोठिंडा पहुंची
देवाल। नंदा लोकजात यात्रा और बधाण की मां नंदा की डोली मंगलवार को थराली ब्लॉक के गोठिंडा गांव पहुंची। यह यात्रा 25 सितंबर को सिद्धपीठ देवराड़ा मंदिर पहुंचकर समाप्त होगी। डोली मंगलवार सुबह बेराधार से रवाना हुई थी। बेराधार में ग्रामीणों ने मां नंदा की पूजा-अर्चना की। इसके बाद डोली टुंड्री गांव पहुंची जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। देर शाम यह यात्रा गोठिंडा पहुंची। ग्रामीणों ने मां नंदा की डोली का स्वागत किया। महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए और लोक जागर किए। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। समापन के बाद मां नंदा की डोली अगले छह महीने तक देवराड़ा मंदिर में ही विराजमान रहेगी। संवाद
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