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Rudraprayag News: किशोरी की सगाई रुकवाई, परिजनों से लिया लिखित आश्वासन
Tue, 30 Jun 2026 07:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Tue, 30 Jun 2026 07:15 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लॉक की बछणस्यूं पट्टी में एक 16 वर्षीय किशोरी की सगाई को शिकायत पर जिला प्रशासन ने रुकवा दिया।
प्रशासन को खबर मिली थी कि चार दिन पहले किशोरी की पौड़ी निवासी युवक से सगाई हुई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र के निर्देश पर वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट, चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक सुरेंद्र सिंह, केस वर्कर अखिलेश और मिशन शक्ति की जेंडर स्पेशलिस्ट अंजनी मौके पर पहुंचे। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि किशोरी पिछले दो वर्षों से संबंधित युवक के संपर्क में थी और उसी से विवाह करने की जिद कर रही थी। इसी कारण परिवार ने उसकी सगाई कर दी थी। टीम ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी दी। टीम ने परिजनों को समझाया कि 18 वर्ष से पहले बालिका का विवाह कराना कानूनन अपराध है। ऐसा करने पर दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। परिजनों ने लिखित में आश्वासन दिया कि बालिग होने से पहले किशोरी का विवाह नहीं कराया जाएगा। प्रशासन ने संबंधित युवक को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। अधिकारियों ने बताया कि तय आयु से पहले विवाह कराने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लॉक की बछणस्यूं पट्टी में एक 16 वर्षीय किशोरी की सगाई को शिकायत पर जिला प्रशासन ने रुकवा दिया।
प्रशासन को खबर मिली थी कि चार दिन पहले किशोरी की पौड़ी निवासी युवक से सगाई हुई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र के निर्देश पर वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट, चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक सुरेंद्र सिंह, केस वर्कर अखिलेश और मिशन शक्ति की जेंडर स्पेशलिस्ट अंजनी मौके पर पहुंचे। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि किशोरी पिछले दो वर्षों से संबंधित युवक के संपर्क में थी और उसी से विवाह करने की जिद कर रही थी। इसी कारण परिवार ने उसकी सगाई कर दी थी। टीम ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी दी। टीम ने परिजनों को समझाया कि 18 वर्ष से पहले बालिका का विवाह कराना कानूनन अपराध है। ऐसा करने पर दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। परिजनों ने लिखित में आश्वासन दिया कि बालिग होने से पहले किशोरी का विवाह नहीं कराया जाएगा। प्रशासन ने संबंधित युवक को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। अधिकारियों ने बताया कि तय आयु से पहले विवाह कराने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।