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जिले के एक और संविदा डॉक्टर पर लटकी है कार्रवाई की तलवार
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रुद्रपुर। अटल आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के मामले में तीन संविदा डॉक्टरों की सेवा समाप्त होने के बाद एक संविदा डॉक्टर पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। संविदा डॉक्टर के खिलाफ कोतवाली में फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज है। विभाग के मुख्यालय से कार्रवाई को लेकर कभी भी आदेश जारी हो सकते हैं।
दरअसल अटल आयुष्मान योजना में मरीजों के फर्जी क्लेम दर्शाकर सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाने के मामले काशीपुर और रुद्रपुर में पकड़ में आए थे। इसके बाद काशीपुर और रुद्रपुर में अस्पताल संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कराए गए थे और अस्पतालों को ब्लैक लिस्ट करने की कार्यवाही की गई थी।
इसके बाद शासन ने फर्जीवाड़े में लिप्त पाए गए एलडी भट्ट चिकित्सालय काशीपुर में तैनात संविदा चिकित्सक डॉ. राजीव गुप्ता और डॉ. नवप्रीत कौर की सेवाएं समाप्त कर दी थी। अब इसी अस्पताल में तैनात संविदा चिकित्सक डॉ. विकास गहलोत की सेवा भी समाप्त कर दी गई है। डॉ. विकास पर भी सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को निजी अस्पताल में भर्ती कराकर ऑपरेशन करने का आरोप लगा था।
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अब जिले के एक और संविदा डॉक्टर पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। आयुष्मान योजना में हुए फर्जीवाड़े में दर्ज एक मुकदमे में संविदा चिकित्सक भी नामजद है। माना जा रहा है कि जल्द ही डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी हो सकते हैं।
सीएमओ डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि संविदा चिकित्सक की सेवा समाप्त करने का आदेश डीजी दफ्तर से जारी होता है और आदेश की प्रति संबंधित अस्पताल के पास भेजी जाती है। वर्तमान में तीन संविदा चिकित्सकों की सेवा समाप्त की गई हैं। इस संबंध में जो भी कार्रवाई होनी है वह डीजी और शासन स्तर से ही हो रही है।
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दरअसल अटल आयुष्मान योजना में मरीजों के फर्जी क्लेम दर्शाकर सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाने के मामले काशीपुर और रुद्रपुर में पकड़ में आए थे। इसके बाद काशीपुर और रुद्रपुर में अस्पताल संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कराए गए थे और अस्पतालों को ब्लैक लिस्ट करने की कार्यवाही की गई थी।
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इसके बाद शासन ने फर्जीवाड़े में लिप्त पाए गए एलडी भट्ट चिकित्सालय काशीपुर में तैनात संविदा चिकित्सक डॉ. राजीव गुप्ता और डॉ. नवप्रीत कौर की सेवाएं समाप्त कर दी थी। अब इसी अस्पताल में तैनात संविदा चिकित्सक डॉ. विकास गहलोत की सेवा भी समाप्त कर दी गई है। डॉ. विकास पर भी सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को निजी अस्पताल में भर्ती कराकर ऑपरेशन करने का आरोप लगा था।
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अब जिले के एक और संविदा डॉक्टर पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। आयुष्मान योजना में हुए फर्जीवाड़े में दर्ज एक मुकदमे में संविदा चिकित्सक भी नामजद है। माना जा रहा है कि जल्द ही डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी हो सकते हैं।
सीएमओ डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि संविदा चिकित्सक की सेवा समाप्त करने का आदेश डीजी दफ्तर से जारी होता है और आदेश की प्रति संबंधित अस्पताल के पास भेजी जाती है। वर्तमान में तीन संविदा चिकित्सकों की सेवा समाप्त की गई हैं। इस संबंध में जो भी कार्रवाई होनी है वह डीजी और शासन स्तर से ही हो रही है।