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शेरसी के ग्रामीणों ने एनएच के खिलाफ की नारेबाजी
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अखिल भारतीय किसान सभा ने केंद्र व राज्य सरकार पर ऑलवेदर रोड परियोजना में घटिया कार्य करने वाली कंपनियों को बचाने का आरोप लगाया है। शेरसी में प्रदर्शनकारियों ने शासन व एनएच के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
सभा के पदाधिकारी व पूर्व जिपं सदस्य राजाराम सेमवाल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनके आंदोलन को 84 दिन हो चुके हैं लेकिन अब तक कोई सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। केंद्र व राज्य सरकार के आला अधिकारियों के साथ ही केंद्रीय मंत्री को पत्र भेजा गया था लेकिन दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। कहा कि वे ऑलवेदर रोड परियोजना का विरोध नहीं कर रहे हैं लेकिन जिस तरह से हाईवे के चौड़ीकरण में मानकों की अनदेखी की गई है, उससे कार्यदायी संस्था ने विकास नहीं बल्कि विनाश की रूपरेखा बनाई गई है। कहा कि डंपिंग जोन पर क्षमता से अधिक मलबा डाला गया है जो बड़ी तबाही का कारण बन सकता है। उन्होंने प्रभावितों को मुआवजा देने, घटिया निर्माण कार्य की विशेष कमेटी से जांच करने, ग्रामीणों की क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत करने की मांग की है। इस मौके पर सुमित अग्रवाल, प्रेमलाल अग्रवाल, जयपाल, पीतांबर दत्त, बीरेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, राजेंद्र सिंह समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
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सभा के पदाधिकारी व पूर्व जिपं सदस्य राजाराम सेमवाल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनके आंदोलन को 84 दिन हो चुके हैं लेकिन अब तक कोई सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। केंद्र व राज्य सरकार के आला अधिकारियों के साथ ही केंद्रीय मंत्री को पत्र भेजा गया था लेकिन दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। कहा कि वे ऑलवेदर रोड परियोजना का विरोध नहीं कर रहे हैं लेकिन जिस तरह से हाईवे के चौड़ीकरण में मानकों की अनदेखी की गई है, उससे कार्यदायी संस्था ने विकास नहीं बल्कि विनाश की रूपरेखा बनाई गई है। कहा कि डंपिंग जोन पर क्षमता से अधिक मलबा डाला गया है जो बड़ी तबाही का कारण बन सकता है। उन्होंने प्रभावितों को मुआवजा देने, घटिया निर्माण कार्य की विशेष कमेटी से जांच करने, ग्रामीणों की क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत करने की मांग की है। इस मौके पर सुमित अग्रवाल, प्रेमलाल अग्रवाल, जयपाल, पीतांबर दत्त, बीरेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, राजेंद्र सिंह समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
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