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तीसरे दिन हल्के वाहनों के लिए खुला ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे
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नरकोटा गांव के पास ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को बुधवार शाम 5 बजे हल्के वाहनों के लिए खोल दिया लेकिन अब भी हालात नाजुक हैं। समस्या के पूर्ण निदान के लिए एनएच व कार्यदायी संस्था अब तक ठोस कार्ययोजना नहीं बना पाई है।
जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग से आठ किमी दूर नरकोटा के पास पहाड़ी से बुधवार को लगातार भूस्खलन होता रहा। जिस कारण एनएच व कार्यदायी संस्था को टनों मलबा साफ करने में दिक्कत होती रही। अपराह्न तीन बजे से पहाड़ी से पत्थर व मलबा गिरना बंद होने के बाद एनएच व कार्यदायी संस्था ने दो तरफा पोकलैंड व जेसीबी से मलबा सफाई का कार्य तेजी से किया। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम 5 बजे हाईवे पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। बड़े वाहनों के लिए के संचालन में अब भी दो से तीन दिन का समय लग सकता है। गौरतलब है कि रविवार रात पहाड़ी से गिरे मलबे और पत्थरों से हाईवे का 40 मीटर हिस्सा हो गया था। यहां पर सड़क की चौड़ाई बमुश्किल दो मीटर रह गई है।
हाईवे को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। साथ ही स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बृहस्पतिवार को प्रभावित क्षेत्र में मशीनों से बैक कटिंग की जाएगी। साथ ही निचली तरफ वायरक्रेट वॉल लगाई जाएगी ताकि 4 मई तक बड़े वाहनों का संचालन हो सके।
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-राजेश शर्मा, सहायक अभियंता, एनएच श्रीनगर डिवीजन
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जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग से आठ किमी दूर नरकोटा के पास पहाड़ी से बुधवार को लगातार भूस्खलन होता रहा। जिस कारण एनएच व कार्यदायी संस्था को टनों मलबा साफ करने में दिक्कत होती रही। अपराह्न तीन बजे से पहाड़ी से पत्थर व मलबा गिरना बंद होने के बाद एनएच व कार्यदायी संस्था ने दो तरफा पोकलैंड व जेसीबी से मलबा सफाई का कार्य तेजी से किया। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम 5 बजे हाईवे पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। बड़े वाहनों के लिए के संचालन में अब भी दो से तीन दिन का समय लग सकता है। गौरतलब है कि रविवार रात पहाड़ी से गिरे मलबे और पत्थरों से हाईवे का 40 मीटर हिस्सा हो गया था। यहां पर सड़क की चौड़ाई बमुश्किल दो मीटर रह गई है।
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हाईवे को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। साथ ही स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बृहस्पतिवार को प्रभावित क्षेत्र में मशीनों से बैक कटिंग की जाएगी। साथ ही निचली तरफ वायरक्रेट वॉल लगाई जाएगी ताकि 4 मई तक बड़े वाहनों का संचालन हो सके।
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-राजेश शर्मा, सहायक अभियंता, एनएच श्रीनगर डिवीजन