{"_id":"60ad1e888ebc3e1380559316","slug":"returns-1-6-million-youths-lost-in-online-fraud-rudrapryag-news-drn3797027187","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन ठगी में गंवाए 16 लाख युवक को लौटाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन ठगी में गंवाए 16 लाख युवक को लौटाए
विज्ञापन
ऊखीमठ थाना क्षेत्र के हुड्डू गांव निवासी एक युवक से ऑनलाइन 16 लाख रुपये की ठगी की गई, लेकिन पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए युवक को धनराशि लौटाई। पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने लोगों से ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक रहने की अपील की है।
बीते 22 मई को हुड्डू गांव के सुरेंद्र सिंह के मोबाइल पर उनका हवाई जहाज का टिकट रद्द होने का संदेश आया। युवक सेना में भर्ती है और इन दिनों छुट्टी पर घर आया हुआ है। कोरोना संक्रमण के चलते उसने ड्यूटी पर जाने के लिए एयर इंडिगो फ्लाइट से कुछ दिन पहले टिकट बुक कराई थी। टिकट रद्द होने की सूचना पर युवक ने टिकट की धनराशि वापस लेने के लिए अपने मोबाइल से फोन लगाया। इस दौरान युवक ने इंटरनेट के जरिए कस्टमर केयर का नंबर मिला, जिस पर कॉल करते हुए उसे पूरी बात बताई। इस दौरान कस्टमर केयर नंबर को ऑपरेट कर रहे व्यक्ति ने युवक से उसके मोबाइल पर एनीडेस्क नाम से एक एप्लीकेशन डाउनलोड कराया। इसके बाद कस्टमर केयर से जो कहा गया, युवक द्वारा वह सब किया गया। यहां तक कि बैंक खाता नंबर, एटीएम कार्ड नंबर व पिन नंबर भी बता दिया गया। इसके कुछ देर बात कॉल कट गई और खाते से 16 लाख रुपये की धनराशि निकाल ली गई। परेशान युवक सीधे पुलिस थाना ऊखीमठ पहुंचा और थानाध्यक्ष मुकेश थलेड़ी को घटनाक्रम की जानकारी दी। मामले में थानाध्यक्ष ने तत्परता दिखाते हुए प्रकरण को साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक राजीव चौहान से साझा किया। इसके बाद पुलिस टीम ने पूरी मुस्तैदी के साथ जरूरी कार्रवाई करते हुए 16 लाख धनराशि के बारे में पता करते हुए युवक के खाते में वापस ट्रांसफर कराई। इधर, पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष व साइबर सेल टीम की प्रशंसा करते हुए लोगों से अपनी बैंक से जुड़ी जानकारी साझा न करने को कहा है।
विज्ञापन
बीते 22 मई को हुड्डू गांव के सुरेंद्र सिंह के मोबाइल पर उनका हवाई जहाज का टिकट रद्द होने का संदेश आया। युवक सेना में भर्ती है और इन दिनों छुट्टी पर घर आया हुआ है। कोरोना संक्रमण के चलते उसने ड्यूटी पर जाने के लिए एयर इंडिगो फ्लाइट से कुछ दिन पहले टिकट बुक कराई थी। टिकट रद्द होने की सूचना पर युवक ने टिकट की धनराशि वापस लेने के लिए अपने मोबाइल से फोन लगाया। इस दौरान युवक ने इंटरनेट के जरिए कस्टमर केयर का नंबर मिला, जिस पर कॉल करते हुए उसे पूरी बात बताई। इस दौरान कस्टमर केयर नंबर को ऑपरेट कर रहे व्यक्ति ने युवक से उसके मोबाइल पर एनीडेस्क नाम से एक एप्लीकेशन डाउनलोड कराया। इसके बाद कस्टमर केयर से जो कहा गया, युवक द्वारा वह सब किया गया। यहां तक कि बैंक खाता नंबर, एटीएम कार्ड नंबर व पिन नंबर भी बता दिया गया। इसके कुछ देर बात कॉल कट गई और खाते से 16 लाख रुपये की धनराशि निकाल ली गई। परेशान युवक सीधे पुलिस थाना ऊखीमठ पहुंचा और थानाध्यक्ष मुकेश थलेड़ी को घटनाक्रम की जानकारी दी। मामले में थानाध्यक्ष ने तत्परता दिखाते हुए प्रकरण को साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक राजीव चौहान से साझा किया। इसके बाद पुलिस टीम ने पूरी मुस्तैदी के साथ जरूरी कार्रवाई करते हुए 16 लाख धनराशि के बारे में पता करते हुए युवक के खाते में वापस ट्रांसफर कराई। इधर, पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष व साइबर सेल टीम की प्रशंसा करते हुए लोगों से अपनी बैंक से जुड़ी जानकारी साझा न करने को कहा है।
विज्ञापन