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प्रिया बाला का हत्यारोपी बांग्लादेश बार्डर से गिरफ्तार
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रुद्रपुर ट्रांजिट कैंप पुलिस की गिरफ्त में प्रिया हत्याकांड का आरोपी ध्रुवो दास।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में करीब 25 दिन पहले हुई प्रिया बाला हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्यारोपी को बांग्लादेश की सीमा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने प्रेमिका प्रिया के दूरी न बनाने और रुपये न लौटाने पर हत्या करने की बात कुबूल की है। कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के सी ब्लॉक मेें 22 सितंबर को एक महिला (प्रिया बाला) का शव दीवान बेड से बरामद किया गया था। महिला के पति रमेश बाला की तहरीर पर पुलिस ने 23 सितंबर को उसके प्रेमी ध्रुवो कुमार दास पुत्र श्यामपद दास निवासी चांदपाड़ा, थाना गईघाटा , जिला 24 उत्तर परगना पश्चिम बंगाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि जांच के दौरान पता चला कि प्रिया और ध्रुवो के बीच प्रेम प्रसंग था। ध्रुवो की कॉल डिटेल से दोनों के बातचीत के प्रमाण मिले हैं। इस पर प्रिया के पति रमेश और ध्रुवो के बीच विवाद भी हुआ था।
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इसके बाद ध्रुवो ने 12 सितंबर को प्रिया को अपने कमरे में बुलाया और हत्या करने के बाद शव दीवान बेड में छिपाकर रुद्रपुर से भाग गया। पुलिस टीम ने आरोपी के मूल पते पर पर जानकारी जुटाई। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के बांग्लादेश सीमा पर स्थित पैट्रापोल थाने में संपर्क किया। पांच सितंबर को पुलिस ने बांग्लादेश बार्डर से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
प्रेमिका के बुलावे पर आया था रुद्रपुर
आरोपी ध्रुवो ने पूछताछ में बताया कि वह करीब तीन साल पहले मिठाई बनाने का काम करने के लिए रुद्रपुर आया था। इस दौरान उसकी मुलाकात प्रिया बाला से हुई। प्रिया खाना बनाने का काम करती थी। यहीं पर वह खाना खाने जाता था। इसी बीच दोनों में नजदीकियां बढ़ गईं। करीब डेढ़ साल पहले वह रुद्रपुर से कोलकाता चला गया फिर मुंबई जाकर काम करने लगा।
इसी बीच दोनों की मोबाइल पर बातचीत होती रही। प्रिया के कहने पर ही करीब आठ-नौ माह पहले वह रुद्रपुर में मिठाई का काम करने चला आया। संजय नगर खेड़ा में कलकत्ता मिठाई वाले के यहां करीब एक माह तक काम किया। कुछ समय बाद उसने अपने दोस्त मलय के साथ किराये पर कमरा ले लिया। यहां रसगुल्ले बनाकर दोनों घर-घर बेचने लगे। प्रिया उससे शादी करने को तैयार हो गई थी। ध्रुवो के मुताबिक वह अपनी कमाई का सारा पैसा प्रिया को दे देता था। इसी बीच उसने ट्रांजिट कैंप में एक दुकान ली।
वह अपने दोस्त मलय के साथ मिलकर दुकान चलाने लगा। मलय से छिपाकर करीब डेढ़ हजार रुपये रोजाना प्रिया को दे देता था। कुछ समय बाद दुकान के बगल में ही गौरव दास के घर में कमरा किराये पर ले लिया। यहीं, पर दोनों मिलते रहते थे। भनक लगने पर ही प्रिया के पति ने हंगामा किया था। बाद में उसके पति ने अपने घर से मेरा खाना बंद करा दिया। इस कारण वह प्रिया के कमरे के सामने ही एक महिला के घर खाना खाने लगा।
बदनामी के डर से प्रिया ने मिलने से कर दिया था इनकार
प्रिया ने बदनामी के डर से प्रेमी ध्रुवो से मिलने से इनकार के साथ-साथ शादी से भी इनकार कर दिया था। प्रिया ने फोन पर बात भी बंद कर दी। ध्रुवो को इससे चोट पहुंची। वह अपनी कमाई का बहुत सारा रुपया प्रिया को दे चुका था। काफी मनाने पर भी वह नहीं मानीं तो ध्रुवो ने प्रिया के पास जमा किए गए 60 हजार रुपये मांगे तो प्रिया ने उसे पुलिस के नाम पर धमकाया।
12 सितंबर को अंतिम बार मिलने के लिए बुलाया
ध्रुवो 12 सितंबर की सुबह करीब सात बजे ही प्रिया के कमरे के सामने खाना खाने पहुंच गया। उसने प्रिया को कमरे में मिलने के लिए बुलाया लेकिन उसने मना कर दिया। इस पर उसने अंतिम बार मिलने के लिए कमरे में आने को कहा। प्रिया 8.30 से 9.30 बजे के बीच कमरे में मिलने पहुंच गई। ध्रुवो ने अपने रुपये मांगे तो प्रिया ने पुलिस से शिकायत करने की धमकी दी।
प्रिया कमरे में चिल्लाने लगी तो ध्रुवो ने उसका गला दबा दिया। दम घुटने की वजह से प्रिया की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसका गला गमछे से बांध कर दीवान बेड के अंदर शव को छिपा दिया। कमरे से जरूरी सामान लेकर दुकान पर पहुंचा और मलय को सारी बात बताई। दुकान पर काम करने वाले लड़के अंकित को दुकान सौंपकर ध्रुवो और मलय टुकटुक से बस स्टेशन पहुंच गए।
बस पकड़कर दोनों रामपुर पहुंचे और 13 सितंबर को ट्रेन से पश्चिम बंगाल भाग गए। इसके बाद मलय और ध्रुवो अलग हो गए। ध्रुवो बांग्लादेश बार्डर पर स्थित अपने रिश्तेदार पलाश के घर बोनगांव रुका। ध्रुवो को पता चला कि उसे उत्तराखंड की पुलिस ढूंढ रही है। उसने बांग्लादेश के खुलना में रहने वाली अपनी मौसी अनीता रानी दास के घर भागने की योजना बनाई। वह भागने की फिराक में ही था कि बार्डर पर पैट्रापोल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
ट्रांजिट कैंप थाना प्रभारी विद्यादत्त जोशी, एसआई धर्मेंद्र आर्या, हेड कांस्टेबल प्रकाश भगत, कांस्टेबल प्रदीप नेगी, पंकज पोखरियाल शामिल थे।
टीम को मिलेगा इनाम
ध्रुवो को गिरफ्तार करने वाली टीम को एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने 2500 रुपये इनाम की घोषणा की है। इसके अलावा एसपी क्राइम प्रमोद कुमार और एएसपी देवेंद्र पींचा भी टीम को 1500-1500 रुपये का इनाम देंगे।
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ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के सी ब्लॉक मेें 22 सितंबर को एक महिला (प्रिया बाला) का शव दीवान बेड से बरामद किया गया था। महिला के पति रमेश बाला की तहरीर पर पुलिस ने 23 सितंबर को उसके प्रेमी ध्रुवो कुमार दास पुत्र श्यामपद दास निवासी चांदपाड़ा, थाना गईघाटा , जिला 24 उत्तर परगना पश्चिम बंगाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
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एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि जांच के दौरान पता चला कि प्रिया और ध्रुवो के बीच प्रेम प्रसंग था। ध्रुवो की कॉल डिटेल से दोनों के बातचीत के प्रमाण मिले हैं। इस पर प्रिया के पति रमेश और ध्रुवो के बीच विवाद भी हुआ था।
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इसके बाद ध्रुवो ने 12 सितंबर को प्रिया को अपने कमरे में बुलाया और हत्या करने के बाद शव दीवान बेड में छिपाकर रुद्रपुर से भाग गया। पुलिस टीम ने आरोपी के मूल पते पर पर जानकारी जुटाई। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के बांग्लादेश सीमा पर स्थित पैट्रापोल थाने में संपर्क किया। पांच सितंबर को पुलिस ने बांग्लादेश बार्डर से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
प्रेमिका के बुलावे पर आया था रुद्रपुर
आरोपी ध्रुवो ने पूछताछ में बताया कि वह करीब तीन साल पहले मिठाई बनाने का काम करने के लिए रुद्रपुर आया था। इस दौरान उसकी मुलाकात प्रिया बाला से हुई। प्रिया खाना बनाने का काम करती थी। यहीं पर वह खाना खाने जाता था। इसी बीच दोनों में नजदीकियां बढ़ गईं। करीब डेढ़ साल पहले वह रुद्रपुर से कोलकाता चला गया फिर मुंबई जाकर काम करने लगा।
इसी बीच दोनों की मोबाइल पर बातचीत होती रही। प्रिया के कहने पर ही करीब आठ-नौ माह पहले वह रुद्रपुर में मिठाई का काम करने चला आया। संजय नगर खेड़ा में कलकत्ता मिठाई वाले के यहां करीब एक माह तक काम किया। कुछ समय बाद उसने अपने दोस्त मलय के साथ किराये पर कमरा ले लिया। यहां रसगुल्ले बनाकर दोनों घर-घर बेचने लगे। प्रिया उससे शादी करने को तैयार हो गई थी। ध्रुवो के मुताबिक वह अपनी कमाई का सारा पैसा प्रिया को दे देता था। इसी बीच उसने ट्रांजिट कैंप में एक दुकान ली।
वह अपने दोस्त मलय के साथ मिलकर दुकान चलाने लगा। मलय से छिपाकर करीब डेढ़ हजार रुपये रोजाना प्रिया को दे देता था। कुछ समय बाद दुकान के बगल में ही गौरव दास के घर में कमरा किराये पर ले लिया। यहीं, पर दोनों मिलते रहते थे। भनक लगने पर ही प्रिया के पति ने हंगामा किया था। बाद में उसके पति ने अपने घर से मेरा खाना बंद करा दिया। इस कारण वह प्रिया के कमरे के सामने ही एक महिला के घर खाना खाने लगा।
बदनामी के डर से प्रिया ने मिलने से कर दिया था इनकार
प्रिया ने बदनामी के डर से प्रेमी ध्रुवो से मिलने से इनकार के साथ-साथ शादी से भी इनकार कर दिया था। प्रिया ने फोन पर बात भी बंद कर दी। ध्रुवो को इससे चोट पहुंची। वह अपनी कमाई का बहुत सारा रुपया प्रिया को दे चुका था। काफी मनाने पर भी वह नहीं मानीं तो ध्रुवो ने प्रिया के पास जमा किए गए 60 हजार रुपये मांगे तो प्रिया ने उसे पुलिस के नाम पर धमकाया।
12 सितंबर को अंतिम बार मिलने के लिए बुलाया
ध्रुवो 12 सितंबर की सुबह करीब सात बजे ही प्रिया के कमरे के सामने खाना खाने पहुंच गया। उसने प्रिया को कमरे में मिलने के लिए बुलाया लेकिन उसने मना कर दिया। इस पर उसने अंतिम बार मिलने के लिए कमरे में आने को कहा। प्रिया 8.30 से 9.30 बजे के बीच कमरे में मिलने पहुंच गई। ध्रुवो ने अपने रुपये मांगे तो प्रिया ने पुलिस से शिकायत करने की धमकी दी।
प्रिया कमरे में चिल्लाने लगी तो ध्रुवो ने उसका गला दबा दिया। दम घुटने की वजह से प्रिया की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसका गला गमछे से बांध कर दीवान बेड के अंदर शव को छिपा दिया। कमरे से जरूरी सामान लेकर दुकान पर पहुंचा और मलय को सारी बात बताई। दुकान पर काम करने वाले लड़के अंकित को दुकान सौंपकर ध्रुवो और मलय टुकटुक से बस स्टेशन पहुंच गए।
बस पकड़कर दोनों रामपुर पहुंचे और 13 सितंबर को ट्रेन से पश्चिम बंगाल भाग गए। इसके बाद मलय और ध्रुवो अलग हो गए। ध्रुवो बांग्लादेश बार्डर पर स्थित अपने रिश्तेदार पलाश के घर बोनगांव रुका। ध्रुवो को पता चला कि उसे उत्तराखंड की पुलिस ढूंढ रही है। उसने बांग्लादेश के खुलना में रहने वाली अपनी मौसी अनीता रानी दास के घर भागने की योजना बनाई। वह भागने की फिराक में ही था कि बार्डर पर पैट्रापोल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
ट्रांजिट कैंप थाना प्रभारी विद्यादत्त जोशी, एसआई धर्मेंद्र आर्या, हेड कांस्टेबल प्रकाश भगत, कांस्टेबल प्रदीप नेगी, पंकज पोखरियाल शामिल थे।
टीम को मिलेगा इनाम
ध्रुवो को गिरफ्तार करने वाली टीम को एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने 2500 रुपये इनाम की घोषणा की है। इसके अलावा एसपी क्राइम प्रमोद कुमार और एएसपी देवेंद्र पींचा भी टीम को 1500-1500 रुपये का इनाम देंगे।