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उपस्थित परीक्षार्थियों को दिखा दिया अनुपस्थित
रुद्रप्रयाग
Updated Sun, 27 Dec 2015 09:31 PM IST
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श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय नई टिहरी एक बार फिर चर्चाओं में है। इस बार चर्चा का कारण विश्वविद्यालय द्वारा नेट पर जारी अगस्त्यमुनि का बीए तृतीय वर्ष (व्यक्तिगत) का रिजल्ट है। रिजल्ट में बीए तृतीय वर्ष संस्कृत विषय के द्वितीय प्रश्न पत्र में अधिकांश परीक्षार्थियों को अनुपस्थित दिखाया गया है जबकि परीक्षा में पंजीकृत 123 परीक्षार्थियों में से 121 ने परीक्षा दी थी। पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि के बीए तृतीय वर्ष में 123 परीक्षार्थियों ने व्यक्तिगत रूप से श्रीदेव सुमन विवि की परीक्षा के लिए आवेदन किया था। संस्कृत द्वितीय प्रश्न में पंजीकृत 123 परीक्षार्थियों में से 121 ने परीक्षा दी थी। महाविद्यालय द्वारा इस संबंध में आवश्यक रिकार्ड व परीक्षा कापियां भी विवि को भेजी गई थी लेकिन श्रीदेव सुमन विवि की लापरवाही के चलते परीक्षा परिणाम में संस्कृत द्वितीय प्रश्न पत्र में अनुपस्थित दर्शाया गया है। इससे परीक्षार्थी चिंतित हैं।
परीक्षार्थी वैशाली, गौरव, विश्वंभरी आदि ने बताया कि उनके द्वारा संस्कृत द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा दी गई थी, लेकिन नेट पर जारी रिजल्ट में उन्हें अनुपस्थित दिखाकर परिणाम खराब किया गया है। उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन की इस प्रकार की लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
छात्रों के माध्यम से इस प्रकार की शिकायत मिली है। श्रीदेव सुमन विवि प्रशासन को इस संबंध में पूर्व में ही लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। छात्रों के हितों को देखते हुए इसमें शीघ्र सुधार किया जाना चाहिए।
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- डॉ. पीएस जगवाण, प्राचार्य पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि।
श्रीदेव सुमन विवि प्रबंधन की यह घोर लापरवाही है। बच्चों के भविष्य के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। इस संबंध में विवि के उच्च अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
- जगमोहन सिंह रौथाण, ब्लॉक प्रमुख मंदाकिनी अगस्त्यमुनि।
सेंटर कोडिंग फीड करने में कोई तकनीकी दिक्कत आने से ऐसा हो सकता है। मैं स्वयं विवि से बाहर हूं। सोमवार को टिहरी जाकर इस प्रकरण की जांच करूंगा। यदि कोई गलती हुई है तो शीघ्र इसे दूर कर छात्रों के परिणाम में सुधार किया जाएगा।
- डॉ. यूएस रावत, कुलपति श्रीदेव सुमन विवि बदशाहीथौल नई टिहरी।
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परीक्षार्थी वैशाली, गौरव, विश्वंभरी आदि ने बताया कि उनके द्वारा संस्कृत द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा दी गई थी, लेकिन नेट पर जारी रिजल्ट में उन्हें अनुपस्थित दिखाकर परिणाम खराब किया गया है। उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन की इस प्रकार की लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
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छात्रों के माध्यम से इस प्रकार की शिकायत मिली है। श्रीदेव सुमन विवि प्रशासन को इस संबंध में पूर्व में ही लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। छात्रों के हितों को देखते हुए इसमें शीघ्र सुधार किया जाना चाहिए।
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- डॉ. पीएस जगवाण, प्राचार्य पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि।
श्रीदेव सुमन विवि प्रबंधन की यह घोर लापरवाही है। बच्चों के भविष्य के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। इस संबंध में विवि के उच्च अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
- जगमोहन सिंह रौथाण, ब्लॉक प्रमुख मंदाकिनी अगस्त्यमुनि।
सेंटर कोडिंग फीड करने में कोई तकनीकी दिक्कत आने से ऐसा हो सकता है। मैं स्वयं विवि से बाहर हूं। सोमवार को टिहरी जाकर इस प्रकरण की जांच करूंगा। यदि कोई गलती हुई है तो शीघ्र इसे दूर कर छात्रों के परिणाम में सुधार किया जाएगा।
- डॉ. यूएस रावत, कुलपति श्रीदेव सुमन विवि बदशाहीथौल नई टिहरी।