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भौंसाल में 22 वर्ष बाद हो रहा पांडव नृत्य
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अगस्त्यमुनि ब्लॉक के भौंसाल गांव में 22 वर्ष बाद हो रहा पांडव नृत्य।
- फोटो : RUDRAPRYAG
अगस्त्यमुनि विकासखंड की ग्राम पंचायत भौंसाल में 22 वर्ष बाद पांडव नृत्य का आयोजन हो रहा है। जखोली व ऊखीमठ ब्लॉक के कई गांवों में भी इन दिनों अनुष्ठान हो रहा है जिसमें प्रवासी व ध्याणियां भी शामिल हो रही हैं।
मंगलवार को भौंसाल गांव में विधि-विधान से पांडवों के अस्त्र-शस्त्रों की पूजा-अर्चना की गई। सभी परंपराओं के निर्वहन के बाद पांडव पश्वा व ग्रामीण ढोल-दमाऊं व पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ 5 गंगा स्नान के लिए मंदाकिनी नदी पहुंचे। यहां स्नान के उपरांत पांडवों के अस्त्र-शस्त्र व देव निषाणों के साथ पंचनाम देवी-देवताओं की पूजा की गई। वापसी में रास्ते में पड़ने वाले गांवों के ग्रामीणों ने पांडवों को अर्घ्य लगाया। पांडव नृत्य आयोजन समिति के अध्यक्ष सुधीर पंवार और क्षेपं सदस्य सुनील चौहान ने बताया कि पांडव नृत्य 18 दिसंबर तक होगा। इस मौके पर जितेंद्र बिष्ट, बलवंत सिंह, कैलाश पंवार, महावीर सिंह, पुजारी सिद्धेश्वर भट्ट, दिनेश भंडारी समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
इधर, तल्लानागपुर पट्टी के नारी गांव में भी पांडव नृत्य देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है। उधर, जखोली विकासखंड के दरमोला गांव में ढोल-दमाऊं की थाप पर पांडव अपने अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य कर रहे हैं। वहीं ऊखीमठ ब्लॉक के पेंज गांव में 24 वर्ष बाद बगड़वाल नृत्य का आयोजन हो रहा है। ग्राम प्रधान संदीप पुष्पवाण ने बताया कि अनुष्ठान में ग्राम पंचायत समेत आसपास के गांवों की ध्याणियां व प्रवासी ग्रामीण शामिल रहे हैं।
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मंगलवार को भौंसाल गांव में विधि-विधान से पांडवों के अस्त्र-शस्त्रों की पूजा-अर्चना की गई। सभी परंपराओं के निर्वहन के बाद पांडव पश्वा व ग्रामीण ढोल-दमाऊं व पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ 5 गंगा स्नान के लिए मंदाकिनी नदी पहुंचे। यहां स्नान के उपरांत पांडवों के अस्त्र-शस्त्र व देव निषाणों के साथ पंचनाम देवी-देवताओं की पूजा की गई। वापसी में रास्ते में पड़ने वाले गांवों के ग्रामीणों ने पांडवों को अर्घ्य लगाया। पांडव नृत्य आयोजन समिति के अध्यक्ष सुधीर पंवार और क्षेपं सदस्य सुनील चौहान ने बताया कि पांडव नृत्य 18 दिसंबर तक होगा। इस मौके पर जितेंद्र बिष्ट, बलवंत सिंह, कैलाश पंवार, महावीर सिंह, पुजारी सिद्धेश्वर भट्ट, दिनेश भंडारी समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
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इधर, तल्लानागपुर पट्टी के नारी गांव में भी पांडव नृत्य देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है। उधर, जखोली विकासखंड के दरमोला गांव में ढोल-दमाऊं की थाप पर पांडव अपने अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य कर रहे हैं। वहीं ऊखीमठ ब्लॉक के पेंज गांव में 24 वर्ष बाद बगड़वाल नृत्य का आयोजन हो रहा है। ग्राम प्रधान संदीप पुष्पवाण ने बताया कि अनुष्ठान में ग्राम पंचायत समेत आसपास के गांवों की ध्याणियां व प्रवासी ग्रामीण शामिल रहे हैं।
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