{"_id":"b7c4413f421767ee6a679cc9eacab8b3","slug":"orange-malta-and-buying-center-made-of-lemon-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"संतरा, माल्टा और नींबू के खरीद केंद्र बने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संतरा, माल्टा और नींबू के खरीद केंद्र बने
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रप्रयाग
Updated Thu, 17 Dec 2015 04:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रप्रयाग जनपद में केदारघाटी, क्यूंजा घाटी, मंदाकिनी घाटी, मद्महेश्वर घाटी सहित धनपुर और बच्छणस्यूं पट्टी के गांवों में संतरा-माल्टा का प्रचुर उत्पादन होता है। बाजार उपलब्ध नहीं होने से यहां काश्तकारों को माल्टा-संतरा औने-पौने दाम में बेचने के बाद भी उन्हें खरीददार नहीं मिलते हैं। अब उद्यान विभाग ने काश्तकारों से इसकी सीधी खरीद का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
जिले में अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी और मयाली में सचल केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर 20 दिसंबर से इन फलों की खरीद ग्रेड के आधार पर होगी। ए ग्रेड के माल्टा का मूल्य प्रतिकिलो 16 रुपये, बी ग्रेड का 13 रुपये और सी ग्रेड का 7 रुपये निर्धारित किया गया है। गलगल (बड़े नींबू) ए ग्रेड 8 रुपये, बी ग्रेड 6 रुपये और सी ग्रेड 4 रुपये प्रति किलो तय किया गया है।
विज्ञापन
जिले में 6 सौ मीट्रिन टन माल्टा, संतरा और 51 मीट्रिक टन बड़ा नींबू का उत्पादन हुआ है। जबकि वर्ष 2012 और 2013 में सवा पांच सौ और वर्ष 2014 में उत्पादन पांच सौ मीट्रिक टन हुआ था।
विज्ञापन
काश्तकार बलवीर सिंह, नवीन सिंह, पुष्पा देवी, जयंती देवी का कहना है कि माल्टा-संतरा का समर्थन मूल्य घोषित होने से लाभ मिलेगा। बाजार मूल्य से कम होने के बावजूद उन्हें अब ये फल बिचौलिए को औने-पौने दाम में नहीं बेचने पड़ेंगे।
माल्टा, संतरा के प्रचुर उत्पादन और बढ़ते बाजार को देखते हुए इस वर्ष से काश्तकारों से सीधी खरीद की जा रही है। जिले में तीन सचल केंद्र बनाए गए हैं, जहां काश्तकार अपना मल्टा-संतरा बेच सकते हैं, उन्हें फल के ग्रेड के आधार पर मौके पर ही कीमत अदा की जाएगी। - डीएस नेगी, उद्यान निरीक्षक, उद्यान विभाग रुद्रप्रयाग