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अब रुद्रप्रयाग में ही होगी पीने के पानी की जांच
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जिला मुख्यालय में ही पेयजल सैंपल की 11 पैरामीटर में जांच हो सकेगी। एनएबीएल (नेशनल एक्रिएडिशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रिएशन लिबोरेट्री) ने जलसंस्थान की पहले से संचालित प्रयोगशाला को मान्यता दे दी है। अब, यहां पानी की जांच के लिए अत्याधुनिक उपकरण भी मुहैया हो जाएंगे। यही नहीं लैब में जिले के किसी भी क्षेत्र के लोग निजी संयोजन के पानी की जांच भी करा सकेंगे।
ढाई लाख की आबादी वाले जिले में जलसंस्थान की ओर से 200 से अधिक पेयजल योजनाओं से जलापूर्ति की जा रही है। अब योजनाओं के पानी की उच्चस्तरीय जांच हो सकेगी। अधिकारियों के अनुसार सभी योजनाओं के स्रोत और स्टोर टैंकों के पानी की जांच में आसानी होगी। क्योंकि जलसंस्थान की लैब को एनएबीएल से मान्यता मिल गई है। ईई संजय सिंह ने बताया कि लैब से सरकारी विभागों के साथ ही निजी व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के पानी के सैंपल की जांच हो सकेगी। यही नहीं गांव, कस्बों व नगर क्षेत्र में निजी संयोजनधारक भी पानी के सैंपल की जांच करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें 600 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के लिए 1200 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
यह है एनएबीएल
राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त निकाय है। यहां से देशभर में संचालित विभिन्न प्रकार की प्रयोगशालाओं को मान्यता दी जाती है।
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ढाई लाख की आबादी वाले जिले में जलसंस्थान की ओर से 200 से अधिक पेयजल योजनाओं से जलापूर्ति की जा रही है। अब योजनाओं के पानी की उच्चस्तरीय जांच हो सकेगी। अधिकारियों के अनुसार सभी योजनाओं के स्रोत और स्टोर टैंकों के पानी की जांच में आसानी होगी। क्योंकि जलसंस्थान की लैब को एनएबीएल से मान्यता मिल गई है। ईई संजय सिंह ने बताया कि लैब से सरकारी विभागों के साथ ही निजी व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के पानी के सैंपल की जांच हो सकेगी। यही नहीं गांव, कस्बों व नगर क्षेत्र में निजी संयोजनधारक भी पानी के सैंपल की जांच करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें 600 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के लिए 1200 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
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यह है एनएबीएल
राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त निकाय है। यहां से देशभर में संचालित विभिन्न प्रकार की प्रयोगशालाओं को मान्यता दी जाती है।
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