{"_id":"5d2f6d7b8ebc3e6ce3782b31","slug":"no-connection-with-pro-khalistani-s-rudrapur-news-hld34930048","type":"story","status":"publish","title_hn":"तराई में खालिस्तान समर्थकों से हमारा कोई वास्ता नहीं : जसवीर सिंह विर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तराई में खालिस्तान समर्थकों से हमारा कोई वास्ता नहीं : जसवीर सिंह विर्क
विज्ञापन
रुद्रपुर में प्रेस वार्ता करते संगठन के अध्यक्ष जसवीर सिंह।
- फोटो : RUDRAPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। सिख संगठन उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष जसवीर सिंह विर्क ने प्रदेश सरकार पर सिख समुदाय की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सिख विधायकों को सरकार की ओर से मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी जा रही है। साथ ही उन्होंने तराई में खालिस्तान समर्थकों के बारे में कहा कि हमारा उनसे कोई वास्ता नहीं है।
बुधवार को रुद्रपुर के एक होटल में पत्रकार वार्ता करते हुए अध्यक्ष जसवीर ने कहा कि उत्तराखंड में लाखों की संख्या में रहने वाले सिखों की बहुत सामाजिक समस्याएं हैं। इन पर चर्चा और निराकरण को लेकर दिसंबर में रुद्रपुर में प्रदेश स्तरीय सिख सम्मेलन होगा, जिसमें उत्तराखंड के साथ ही यूपी के सीमांत क्षेत्रों के सिख समुदाय के लोग पहुंचेंगे।
उन्होंने काशीपुर के विधायक हरभजन चीमा के चार बार विधायक बनने के बाद भी सरकार द्वारा उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल न करने का आरोप लगाया। तराई में खालिस्तान समर्थकों की सक्रियता के बाबत प्रदेश अध्यक्ष जसवीर ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में तो है, लेकिन उनका संगठन इनके समर्थन में कतई नहीं है। प्रेस वार्ता में प्रदेश सचिव वीर सिंह, मान सिंह मान, संतोष रंधावा, तजिंदर विर्क, अमनदीप सिंह थे।
विज्ञापन
ये हैं मांगे
राय सिख समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने, आनंद मैरिज एक्ट लागू करने, शैक्षणिक संस्थाओं में गुरमुखी लागू करने, हरिद्वार में गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी की समस्या, हेमकुंड यात्रा को सुगम करने, रुद्रपुर से अमृतसर के लिए नियमित ट्रेन सेवा एवं दिल्ली व पंजाब की तर्ज पर गुरुद्वारा एक्ट बनाने के लिए सरकार से मांग की जाएगी शामिल है।
पंजाबी विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग
जसपुर। उत्तरांचल पंजाबी महासभा के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा, जिसमें पंजाबी समाज के विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग की है।
तहसीलदार जोगा सिंह को दिए ज्ञापन में कहा कि उत्तराखंड में भाजपा से पांच पंजाबी विधायक हैं। कहा कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रहे हरवंश कपूर निरंतर 30 वर्षों से विधायक बन रहे हैं।
उन्हें भी भाजपा ने दरकिनार कर दिया है। कहा कि पंजाबियों ने कभी सरकार से आरक्षण की मांग नहीं की और ना ही कोई अन्य मांग की। ज्ञापन देने वालों में देवेंद्र जीत सिंह, हरिओम सिंह, महेंद्र अरोरा, अशोक कुमार, सतीश अरोरा, अवतार सिंह, कृष्ण कुमार, सुखदेव सिंह, विनोद ठुकराल आदि शामिल थे।
विज्ञापन
बुधवार को रुद्रपुर के एक होटल में पत्रकार वार्ता करते हुए अध्यक्ष जसवीर ने कहा कि उत्तराखंड में लाखों की संख्या में रहने वाले सिखों की बहुत सामाजिक समस्याएं हैं। इन पर चर्चा और निराकरण को लेकर दिसंबर में रुद्रपुर में प्रदेश स्तरीय सिख सम्मेलन होगा, जिसमें उत्तराखंड के साथ ही यूपी के सीमांत क्षेत्रों के सिख समुदाय के लोग पहुंचेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने काशीपुर के विधायक हरभजन चीमा के चार बार विधायक बनने के बाद भी सरकार द्वारा उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल न करने का आरोप लगाया। तराई में खालिस्तान समर्थकों की सक्रियता के बाबत प्रदेश अध्यक्ष जसवीर ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में तो है, लेकिन उनका संगठन इनके समर्थन में कतई नहीं है। प्रेस वार्ता में प्रदेश सचिव वीर सिंह, मान सिंह मान, संतोष रंधावा, तजिंदर विर्क, अमनदीप सिंह थे।
विज्ञापन
ये हैं मांगे
राय सिख समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने, आनंद मैरिज एक्ट लागू करने, शैक्षणिक संस्थाओं में गुरमुखी लागू करने, हरिद्वार में गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी की समस्या, हेमकुंड यात्रा को सुगम करने, रुद्रपुर से अमृतसर के लिए नियमित ट्रेन सेवा एवं दिल्ली व पंजाब की तर्ज पर गुरुद्वारा एक्ट बनाने के लिए सरकार से मांग की जाएगी शामिल है।
पंजाबी विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग
जसपुर। उत्तरांचल पंजाबी महासभा के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा, जिसमें पंजाबी समाज के विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग की है।
तहसीलदार जोगा सिंह को दिए ज्ञापन में कहा कि उत्तराखंड में भाजपा से पांच पंजाबी विधायक हैं। कहा कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रहे हरवंश कपूर निरंतर 30 वर्षों से विधायक बन रहे हैं।
उन्हें भी भाजपा ने दरकिनार कर दिया है। कहा कि पंजाबियों ने कभी सरकार से आरक्षण की मांग नहीं की और ना ही कोई अन्य मांग की। ज्ञापन देने वालों में देवेंद्र जीत सिंह, हरिओम सिंह, महेंद्र अरोरा, अशोक कुमार, सतीश अरोरा, अवतार सिंह, कृष्ण कुमार, सुखदेव सिंह, विनोद ठुकराल आदि शामिल थे।