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जिला मुख्यालय से गौरीकुंड तक पार्किंग के नहीं पुख्ता इंतजाम
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गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर रामबाड़ा से केदारनाथ के बीच बर्फ ही बर्फ।
- फोटो : RUDRAPRYAG
आगामी 6 मई को केदारनाथ के कपाटोद्घाटन के साथ ही यात्रा का शुभारंभ हो जाएगा। इस बार पहले ही दिन से यात्रा के तेज रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। ऐसे में यात्रामार्ग के बाजारों व कस्बों में जाम से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस समस्या से निपटना प्रशासन और पुलिस के लिए भी आसान नहीं हैं क्योंकि कहीं भी पार्किंग सुविधा नहीं है।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे से केदारनाथ पहुंचा जाता है लेकिन 76 किमी लंबे इस हाईवे पर कहीं पर भी ऐसा स्थान नहीं हैं जहां 100 वाहनों को खड़ा करने की जगह हो। इस कारण यात्राकाल तो दूर, अन्य दिनों में भी कस्बों, बाजारों में जाम का झाम बना रहता है। स्थिति यह है कि प्रसाद योजना में तिलवाड़ा और अगस्त्यमुनि में पार्किंग तो बनी है लेकिन नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं होने से यह शोपीश साबित हो रही है जबकि ऊखीमठ में अब पार्किंग निर्माण पूरा हो पाया है। संचालन कब होगा, कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ भारत सरकार के ऑलवेदर रोड परियोजना में राजमार्ग के चौड़ीकरण के दौरान भी रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग तक कहीं भी अतिरिक्त पार्किंग के लिए भूमि चिह्नित नहीं की गई है। दूसरी तरफ यात्रा का संचालन केंद्र सोनप्रयाग में छह वर्ष से तीन मंजिला पार्किंग का निर्माण कछुआ गति से हो रहा है। यात्री वाहन यहीं तक पहुंचते हैं लेकिन पार्किंग के अभाव में यात्राकाल में गुप्तकाशी से सोनप्रयाग तक जाम की समस्या निरंतर बनी रहती है। ऐसे में यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इनका कहना है --
गुप्तकाशी में 300 छोटे वाहन पंजीकृत है। वहीं, यात्राकाल में सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक शटल सेवा (टैक्सी-मैक्सी) का संचालन होता है जिसमें 80 वाहन दिन और 20 वाहन रात को चलते हैं। सोनप्रयाग में पार्किंग तो है लेकिन उसमें बाहर से आने वाले यात्री वाहन ही अधिक रहते हैं। इस कारण स्थानीय वाहनों को पार्किंग नहीं मिल पाती है। अन्य स्थानों पर भी पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है। यात्राकाल में निजी वाहनों को जहां-तहां खड़े करने के बजाए निश्चित प्वाइंट तय होने चाहिएं जिससे जाम से निपटा जा सके।
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- राय सिंह राणा अध्यक्ष, जीप-टैक्सी यूनियन गुप्तकाशी
तिलवाड़ा में यूनियन में 160 वाहन पंजीकृत हैं। बाजार में पार्किंग की सुविधा नहीं है। इस कारण 12 महीने जाम की समस्या रहती है। यात्राकाल में इस समस्या से निपटने के लिए अलग से ट्रैफिक कंट्रोल रूम स्थापित कर यातायात का संचालन बेहतर होना चाहिए ताकि यात्रियों को दिक्कत न हो।
- राजेंद्र प्रसाद डिमरी, अध्यक्ष जीप टैक्सी यूनियन तिलवाड़ा
पार्किंग का निर्माण पूरा हो चुका है। टेंडर प्रक्रिया के बाद आगामी अप्रैल से इसे संचालित किया जाएगा। ओंकारेश्वर मंदिर मार्ग पर भी अस्थायी पार्किंग के लिए भूमि चयन की कार्रवाई चल रही है। नई सरकार गठन के बाद जरूरी औपचारिकताओं को समयबद्ध पूरा कर दिया जाएगा।
- विजय राणा, अध्यक्ष नगर पंचायत ऊखीमठ
प्रसाद योजना में पार्किंग बने दो वर्ष हो चुके हैं लेकिन अब तक नपं को हस्तांतरित नहीं की गई है। ऐसे में पार्किंग का बेहतर उपयोग नहीं हो पा रहा है। साथ ही नगर में आए दिन जाम लग रहा है। इस कारण यात्रा के दौरान भी दिक्कत होगी। सरकार को पार्किंग का निस्तारण जल्द करना चाहिए। - अरूणा बेंजवाल, अध्यक्ष नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्तयमुनि
जिला मुख्यालय में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से आए दिन जाम लग रहा है। यात्राकाल में यातायात व्यवस्था को वन-वे किया जाता है। बावजूद, पार्किंग की जरूरत तो तब भी होती है लेकिन इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो रही है।
- अजीत राणा, अध्यक्ष टैक्सी यूनियन रुद्रप्रयाग
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रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे से केदारनाथ पहुंचा जाता है लेकिन 76 किमी लंबे इस हाईवे पर कहीं पर भी ऐसा स्थान नहीं हैं जहां 100 वाहनों को खड़ा करने की जगह हो। इस कारण यात्राकाल तो दूर, अन्य दिनों में भी कस्बों, बाजारों में जाम का झाम बना रहता है। स्थिति यह है कि प्रसाद योजना में तिलवाड़ा और अगस्त्यमुनि में पार्किंग तो बनी है लेकिन नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं होने से यह शोपीश साबित हो रही है जबकि ऊखीमठ में अब पार्किंग निर्माण पूरा हो पाया है। संचालन कब होगा, कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ भारत सरकार के ऑलवेदर रोड परियोजना में राजमार्ग के चौड़ीकरण के दौरान भी रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग तक कहीं भी अतिरिक्त पार्किंग के लिए भूमि चिह्नित नहीं की गई है। दूसरी तरफ यात्रा का संचालन केंद्र सोनप्रयाग में छह वर्ष से तीन मंजिला पार्किंग का निर्माण कछुआ गति से हो रहा है। यात्री वाहन यहीं तक पहुंचते हैं लेकिन पार्किंग के अभाव में यात्राकाल में गुप्तकाशी से सोनप्रयाग तक जाम की समस्या निरंतर बनी रहती है। ऐसे में यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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इनका कहना है --
गुप्तकाशी में 300 छोटे वाहन पंजीकृत है। वहीं, यात्राकाल में सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक शटल सेवा (टैक्सी-मैक्सी) का संचालन होता है जिसमें 80 वाहन दिन और 20 वाहन रात को चलते हैं। सोनप्रयाग में पार्किंग तो है लेकिन उसमें बाहर से आने वाले यात्री वाहन ही अधिक रहते हैं। इस कारण स्थानीय वाहनों को पार्किंग नहीं मिल पाती है। अन्य स्थानों पर भी पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है। यात्राकाल में निजी वाहनों को जहां-तहां खड़े करने के बजाए निश्चित प्वाइंट तय होने चाहिएं जिससे जाम से निपटा जा सके।
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- राय सिंह राणा अध्यक्ष, जीप-टैक्सी यूनियन गुप्तकाशी
तिलवाड़ा में यूनियन में 160 वाहन पंजीकृत हैं। बाजार में पार्किंग की सुविधा नहीं है। इस कारण 12 महीने जाम की समस्या रहती है। यात्राकाल में इस समस्या से निपटने के लिए अलग से ट्रैफिक कंट्रोल रूम स्थापित कर यातायात का संचालन बेहतर होना चाहिए ताकि यात्रियों को दिक्कत न हो।
- राजेंद्र प्रसाद डिमरी, अध्यक्ष जीप टैक्सी यूनियन तिलवाड़ा
पार्किंग का निर्माण पूरा हो चुका है। टेंडर प्रक्रिया के बाद आगामी अप्रैल से इसे संचालित किया जाएगा। ओंकारेश्वर मंदिर मार्ग पर भी अस्थायी पार्किंग के लिए भूमि चयन की कार्रवाई चल रही है। नई सरकार गठन के बाद जरूरी औपचारिकताओं को समयबद्ध पूरा कर दिया जाएगा।
- विजय राणा, अध्यक्ष नगर पंचायत ऊखीमठ
प्रसाद योजना में पार्किंग बने दो वर्ष हो चुके हैं लेकिन अब तक नपं को हस्तांतरित नहीं की गई है। ऐसे में पार्किंग का बेहतर उपयोग नहीं हो पा रहा है। साथ ही नगर में आए दिन जाम लग रहा है। इस कारण यात्रा के दौरान भी दिक्कत होगी। सरकार को पार्किंग का निस्तारण जल्द करना चाहिए। - अरूणा बेंजवाल, अध्यक्ष नगर पंचायत अध्यक्ष अगस्तयमुनि
जिला मुख्यालय में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से आए दिन जाम लग रहा है। यात्राकाल में यातायात व्यवस्था को वन-वे किया जाता है। बावजूद, पार्किंग की जरूरत तो तब भी होती है लेकिन इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो रही है।
- अजीत राणा, अध्यक्ष टैक्सी यूनियन रुद्रप्रयाग