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केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों का आंदोलन जारी
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देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग को लेकर केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों का क्रमिक धरना जारी है। आंदोलनकारियों ने भावी रणनीति को लेकर 2 सितंबर को केदारघाटी के गुप्तकाशी में बैठक भी आयोजित की है। क्षेत्र के सभी गांवों के लोगों से बैठक में शामिल होने की अपील की गई है।
मंगलवार को केदारनाथ में आंदोलनकारी तीर्थपुरोहितों ने क्रमिक अनशन स्थल पर धरना देते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि देवस्थान बोर्ड के विरोध में दो वर्ष से आंदोलन हो रहा है लेकिन सरकार सुध नहीं ले रही है। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बिना मशवरे के देवस्थानम बोर्ड का गठन किया है, जो उन्हें मंजूर नहीं है। एक तरफ पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत बोर्ड पर पुनर्विचार की बात कह रहे हैं। दूसरी तरफ सरकार की ओर से अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इधर, केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, महामंत्री कुबेरनाथ पोस्ती और संतोष त्रिवेदी ने बताया कि आंदोलन की भावी रणनीति को लेकर 2 सितंबर को तीर्थपुरोहित समाज की खुली बैठक आहुत की गई है। गुप्तकाशी में होने वाली इस बैठक में घाटी के सभी तीर्थपुरोहित व हक-हकूकधारी शामिल होंगे। इस दौरान आंदोलन की रणनीति पर चर्चा करते हुए सभी लोगों के सुझाव मांगे जाएंगे। इसके बाद जिला मुख्यालय में प्रदर्शन की तिथि तय की जाएगी।
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मंगलवार को केदारनाथ में आंदोलनकारी तीर्थपुरोहितों ने क्रमिक अनशन स्थल पर धरना देते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि देवस्थान बोर्ड के विरोध में दो वर्ष से आंदोलन हो रहा है लेकिन सरकार सुध नहीं ले रही है। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बिना मशवरे के देवस्थानम बोर्ड का गठन किया है, जो उन्हें मंजूर नहीं है। एक तरफ पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत बोर्ड पर पुनर्विचार की बात कह रहे हैं। दूसरी तरफ सरकार की ओर से अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इधर, केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, महामंत्री कुबेरनाथ पोस्ती और संतोष त्रिवेदी ने बताया कि आंदोलन की भावी रणनीति को लेकर 2 सितंबर को तीर्थपुरोहित समाज की खुली बैठक आहुत की गई है। गुप्तकाशी में होने वाली इस बैठक में घाटी के सभी तीर्थपुरोहित व हक-हकूकधारी शामिल होंगे। इस दौरान आंदोलन की रणनीति पर चर्चा करते हुए सभी लोगों के सुझाव मांगे जाएंगे। इसके बाद जिला मुख्यालय में प्रदर्शन की तिथि तय की जाएगी।
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