{"_id":"67ed72a9744bf567b3009be5","slug":"madam-i-am-a-minor-my-family-is-forcing-me-to-marry-i-want-to-study-rudraprayag-news-c-5-1-drn1019-655492-2025-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rudraprayag: मैडम मैं नाबालिग हूं, परिजन जबरन करा रहे शादी, मुझे पढ़ना है....फिर कॉल कटते ही दौड़ पड़ी टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rudraprayag: मैडम मैं नाबालिग हूं, परिजन जबरन करा रहे शादी, मुझे पढ़ना है....फिर कॉल कटते ही दौड़ पड़ी टीम
Thu, 03 Apr 2025 01:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Thu, 03 Apr 2025 01:16 PM IST
सार
लड़की का फोन आया कि उसके माता-पिता उसका जबरन विवाह करवाना चाह रहे हैं। विवाह की तिथि तय हो चुकी है और वह तैयारियों में जुटे गए हैं। उसने बताया कि वह नाबालिग है और दसवीं में पढ़ रही है। वह आगे पढ़ना चाहती है, लेकिन परिजन नहीं मान रहे हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रुद्रप्रयाग जनपद के एक दूरस्थ गांव में नाबालिग की शिकायत पर चाइल्ड हेल्पलाइन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसका विवाह रुकवाया दिया है। नाबालिग की शिकायत पर ही चाइल्ड हेल्पलाइन वर्कर गांव पहुंचीं और परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया। नाबालिग की उम्र 16 वर्ष है और वह दसवीं में पढ़ रही है।
विज्ञापन
बुधवार को चाइल्ड हेल्पलाइन को एक लड़की का फोन आया कि उसके माता-पिता उसका जबरन विवाह करवाना चाह रहे हैं। विवाह की तिथि तय हो चुकी है और वह तैयारियों में जुटे गए हैं। उसने बताया कि वह नाबालिग है और दसवीं में पढ़ रही है। वह आगे पढ़ना चाहती है, लेकिन परिजन नहीं मान रहे हैं।
विज्ञापन
गांव पहुंची टीम
इस पर, चाइल्ड हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर ने त्वरित कार्रवाई की और चाइल्ड हेल्पलाइन से केस वर्कर अखिलेश सिंह और जिला बाल संरक्षण इकाई से सोशल वर्कर पूजा भंडारी नाबालिग के गांव पहुंची और उसके परिजनों से बात की। दोनों ने उन्हें नाबालिग बेटी का विवाह नहीं कराने की समझाइश दी।
विज्ञापन
इसके साथ ही वर पक्ष से भी फोन पर बात कर उन्हें बताया गया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है इसके लिए उन्हें दो वर्ष जेल और 1 लाख का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। इस पर, परिजनों ने आश्वस्त किया कि वह अपनी बेटी के बालिग होने और उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद ही उसका विवाह करेंगे। वहीं, वर पक्ष द्वारा भी पूरा सहयोग करने की बात कही गई।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: चारधाम यात्रा से पहले फायर सर्विस को मिलेंगे 20 दमकल वाहन, 15वें वित्त आयोग से मिला बजट
इधर, वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी रंजना गैरोला भट्ट ने बताया कि अक्तूबर से लेकर अब तक नाबालिग के विवाह रुकवाने के अभी तक 16 प्रकरण आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि दूरस्थ गांव की नाबालिग के स्वयं फोन कर विवाह की सूचना देना सुखद है। बताया कि बालिका ने इस पहल से यह भी संदेश दिया है कि वह अपनी शिक्षा और कॅरिअर के प्रति गंभीर है। उन्होंने बताया कि संबंधित राजस्व उप निरीक्षक और बाल विकास विभाग को भी नाबालिग के परिजनों से निरंतर संवाद करने को कहा गया है।