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तीन थानों में दर्ज होंगे चार संस्थानों के खिलाफ केस
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रुद्रपुर। हरियाणा और सहारनपुर के चार शैक्षिक संस्थानों के खिलाफ एसआईटी जिले के तीन थानों में रिपोर्ट दर्ज कराएगी। दोनों राज्यों के चार संस्थानों में फर्जी तरीके से छात्रों को दाखिला देकर लाखों रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि एसआईटी जांच के दायरे में आने के बाद इन शिक्षण संस्थानों में खलबली मची है।
मालूम हो कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति में घोटाला सामने आने के बाद 11 शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ चार थानों में मुकदमा दर्ज कर आठ दलालों को एसआईटी जेल भेज चुकी है। बाहरी राज्यों के जिन 303 शैक्षिक संस्थानों में 3024 छात्रों को अध्ययनरत दर्शाया गया था। जांच में 1037 छात्रों के आवंटन में गड़बड़ी पकड़ी गई। 23 दिसंबर से शुरू हुई दस्तावेजों के सत्यापन में ऊधमसिंह नगर में 250 छात्रों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया है। इसमें सबसे अधिक खटीमा, जसपुर, किच्छा के छात्रों के नाम पर करोड़ों का घोटाला सामने आया। एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा ने बताया हरियाणा के तीन और सहारनपुर के एक शैक्षिक संस्थान में गड़बड़ी पकड़ी गई है।
उन्होंने बताया चारों संस्थानों के खिलाफ कुंडा, काशीपुर, केलाखेड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन कर बयान दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है।
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युवक ने छात्रवृत्ति मिलने से किया इनकार
बाजपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में एसएसआई की पूछताछ में एक युवक ने छात्रवृत्ति मिलने से साफ इनकार कर दिया। बताते हैं कि छात्रवृत्ति घोटाले में अनपढ़ों के नाम से फर्जी शैक्षिक कागजातों के आधार पर दलालों ने भारी रकम हड़पी है।
बृहस्पतिवार को एसएसआई महेश चंद कांडपाल ने गांव भीकमपुरी निवासी रवि सिंह से पूछताछ की। रवि ने बताया कि छात्रवृत्ति के नाम पर उसे कोई धनराशि नहीं मिली, जबकि उसके नाम के फर्जी दस्तावेज लगाकर छात्रवृत्ति हड़पी गई है। 2014-15 में एक युवक कुछ दस्तावेज लेकर उसके घर आया था। उसी ने शैक्षिक कागजात देखे थे। एसएसआई के अनुसार छात्रवृत्ति घोटाले के बाजपुर कोतवाली में अलग अलग तीन मुकदमे दर्ज हैं। छात्रवृत्ति घोटाले में छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि 60 विद्यार्थियों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए हैं। मामले की विवेचना अभी जारी है। नामजदों में फरार चल रहे आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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मालूम हो कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति में घोटाला सामने आने के बाद 11 शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ चार थानों में मुकदमा दर्ज कर आठ दलालों को एसआईटी जेल भेज चुकी है। बाहरी राज्यों के जिन 303 शैक्षिक संस्थानों में 3024 छात्रों को अध्ययनरत दर्शाया गया था। जांच में 1037 छात्रों के आवंटन में गड़बड़ी पकड़ी गई। 23 दिसंबर से शुरू हुई दस्तावेजों के सत्यापन में ऊधमसिंह नगर में 250 छात्रों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया है। इसमें सबसे अधिक खटीमा, जसपुर, किच्छा के छात्रों के नाम पर करोड़ों का घोटाला सामने आया। एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा ने बताया हरियाणा के तीन और सहारनपुर के एक शैक्षिक संस्थान में गड़बड़ी पकड़ी गई है।
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उन्होंने बताया चारों संस्थानों के खिलाफ कुंडा, काशीपुर, केलाखेड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन कर बयान दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है।
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युवक ने छात्रवृत्ति मिलने से किया इनकार
बाजपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में एसएसआई की पूछताछ में एक युवक ने छात्रवृत्ति मिलने से साफ इनकार कर दिया। बताते हैं कि छात्रवृत्ति घोटाले में अनपढ़ों के नाम से फर्जी शैक्षिक कागजातों के आधार पर दलालों ने भारी रकम हड़पी है।
बृहस्पतिवार को एसएसआई महेश चंद कांडपाल ने गांव भीकमपुरी निवासी रवि सिंह से पूछताछ की। रवि ने बताया कि छात्रवृत्ति के नाम पर उसे कोई धनराशि नहीं मिली, जबकि उसके नाम के फर्जी दस्तावेज लगाकर छात्रवृत्ति हड़पी गई है। 2014-15 में एक युवक कुछ दस्तावेज लेकर उसके घर आया था। उसी ने शैक्षिक कागजात देखे थे। एसएसआई के अनुसार छात्रवृत्ति घोटाले के बाजपुर कोतवाली में अलग अलग तीन मुकदमे दर्ज हैं। छात्रवृत्ति घोटाले में छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि 60 विद्यार्थियों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए हैं। मामले की विवेचना अभी जारी है। नामजदों में फरार चल रहे आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।