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Rudraprayag News: कार्तिकेय की चल मूर्ति यात्रा शुरू, रात्रि प्रवास के लिए पहुंची पोखरी
Wed, 28 May 2025 07:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Wed, 28 May 2025 07:38 PM IST
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भगवान कार्तिकेय की चल मूमूर्ति यात्रा ने कार्तिक स्वामी मंदिर से बदरीनाथ धाम के लिए किया प्रस्
मंदिर से साढ़े चार किमी पैदल दूरी तय कर कनकचौंरी पहुंची यात्रा का हुआ स्वागत
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संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। शिव-पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय की आठ दिवसीय चल मूर्ति भ्रमण यात्रा कार्तिक स्वामी मंदिर से शुरू हो गई। यह यात्रा बदरीनाथ धाम व वसुधारा तक जाएगी। पहले दिन यात्रा रात्रि प्रवास के लिए पोखरी पहुंची।
बुधवार को क्रौंच पर्वत पर स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर भगवान कार्तिकेय की मूर्ति का शृंगार किया गया। सुबह 8 बजे चल मूर्ति के साथ भक्तों ने बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया। मंदिर से साढ़े चार किमी पैदल दूरी तय कर यात्रा कनकचौंरी पहुंची। यहां ग्रामीणों ने आराध्य का भव्य स्वागत किया। यहां से यात्रा विभिन्न गांवों से होते हुए रात्रि प्रवास के लिए पोखरी पहुंची। कार्तिकेय मंदिर समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी नेगी और प्रबंधक पूर्ण सिंह नेगी ने बताया कि आठ दिवसीय यात्रा के तहत 29 मई को यात्रा पोखरी से रात्रि प्रवास के लिए बामेश्वर पहुंचेगी। 30 को गोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर, 31 मई को अनुसूया मंदिर, 1 जून को जोशीमठ, 2 को बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। 3 जून को बदरीनाथ में दर्शन के बाद कार्तिकेय की चल मूर्ति यात्रा घंटाकर्ण मंदिर एवं माणा गांव होते हुए वसुधारा पहुंचेगी। यहां पर पूजा-अर्चना के बाद वापसी में यात्रा प्रवास के लिए जोशीमठ पहुंचेगी। 4 जून को यात्रा रुद्रप्रयाग, सतेरखाल, चोपता, घिमतोली, कनकचौंरी होते हुए अपने मंदिर कार्तिक स्वामी पहुंचेगी।
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रुद्रप्रयाग। शिव-पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय की आठ दिवसीय चल मूर्ति भ्रमण यात्रा कार्तिक स्वामी मंदिर से शुरू हो गई। यह यात्रा बदरीनाथ धाम व वसुधारा तक जाएगी। पहले दिन यात्रा रात्रि प्रवास के लिए पोखरी पहुंची।
बुधवार को क्रौंच पर्वत पर स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर भगवान कार्तिकेय की मूर्ति का शृंगार किया गया। सुबह 8 बजे चल मूर्ति के साथ भक्तों ने बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया। मंदिर से साढ़े चार किमी पैदल दूरी तय कर यात्रा कनकचौंरी पहुंची। यहां ग्रामीणों ने आराध्य का भव्य स्वागत किया। यहां से यात्रा विभिन्न गांवों से होते हुए रात्रि प्रवास के लिए पोखरी पहुंची। कार्तिकेय मंदिर समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी नेगी और प्रबंधक पूर्ण सिंह नेगी ने बताया कि आठ दिवसीय यात्रा के तहत 29 मई को यात्रा पोखरी से रात्रि प्रवास के लिए बामेश्वर पहुंचेगी। 30 को गोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर, 31 मई को अनुसूया मंदिर, 1 जून को जोशीमठ, 2 को बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। 3 जून को बदरीनाथ में दर्शन के बाद कार्तिकेय की चल मूर्ति यात्रा घंटाकर्ण मंदिर एवं माणा गांव होते हुए वसुधारा पहुंचेगी। यहां पर पूजा-अर्चना के बाद वापसी में यात्रा प्रवास के लिए जोशीमठ पहुंचेगी। 4 जून को यात्रा रुद्रप्रयाग, सतेरखाल, चोपता, घिमतोली, कनकचौंरी होते हुए अपने मंदिर कार्तिक स्वामी पहुंचेगी।
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