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हिटो केदार अभियान करेगा ट्रैकों की पड़ताल, बनेगी भावी प्लानिंग
ब्यूरो/अमर उजाला रुद्रप्रयाग
Updated Sun, 02 Oct 2016 10:41 PM IST
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केदारनाथ की पैदल यात्रा को सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए अब और विकल्प पर भी कार्य किया जा रहा है। प्राचीन पैदल मार्ग के साथ जहां चौमासी-केदारनाथ व त्रियुगीनारायण-केदारनाथ दो नए पैदल मार्ग बनाए गए हैं।
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वहीं दूसरी तरफ शासन स्तर पर हिटो केदार के तहत नौ अलग-अलग पैदल रूटों से केदारनाथ तक ट्रैकिंग की जा रही है। इस ट्रैकिंग अभियान के जरिए इन रूटों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा, जो भविष्य में केदारनाथ धाम की यात्रा को सरल व सुलभ बनाने के साथ रेसक्यू में मददगार हो सकते हैं।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत की पहल पर उत्तराखंड शासन द्वारा 2016 को ट्रैकिंग वर्ष घोषित किया गया है। जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के दुलर्भ ट्रैकों पर पथारोहण कर उन्हें विकसित कर साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।
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इसी उद्देश्य से माउंटेनियर्स एंड ट्रैकर्स एसोसिएशन उत्तराखंड (माटा) द्वारा एक अक्तूबर से हिटो केदार ट्रैकिंग अभियान शुरू किया गया है। टिहरी के घुत्तु से लेकर रुद्रप्रयाग के आठ अलग-अलग पैदल ट्रैकों से 3 सौ से अधिक ट्रैकर्स ट्रेकिंग कर नौ अक्तूबर को एकसाथ केदारनाथ में मिलेंगे।
ट्रैकर्स के प्रत्येक दल में पुलिस व विभागीय अधिकारियों के साथ ही पत्रकार व स्थानीय युवक/युवतियां शामिल हैं। 8 और 9 अक्तूबर को ट्रैकिंग दलों के साथ प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारियों के भी शामिल हो होंगे। ये सभी लोग ट्रेकिंग के दौरान यह भी जायजा लेंगे कि इन ट्रैकों से आने वाले समय में केदारनाथ धाम की यात्रा को कितना सरल और सुलभ बनाया जा सकता है। साथ ही विषम हालात में ये ट्रैक रेसक्यू के लिए कितने मुफीद होंगे।
हिटो केदार के ट्रेकिंग रूट
घुत्तु-त्रियुगीनारायण-केदारनाथ।
चोपता-बिसूड़ी-चौमासी-केदार।
रांसी-मनणी-विशाली-केदारनाथ।
शेरसी-झंडी टॉप-वासुकी-केदार।
चौमासी-बलजितिया-केदारनाथ।
चौमासी-रामबाड़ा-केदारनाथ।
गौरीकुंड-केदारनाथ-वासुकीताल-केदारनाथ।
त्रियुगीनारायण-केदारनाथ।
चोपता-रांसी-केदारनाथ-गौरीकुंड।
हिटो केदार का मकसद केदारनाथ तक अधिक से अधिक लोगों की पहुंच के साथ सुरक्षित यात्रा का संदेश देना है। ये ट्रैकिंग दल इन रूटों का वृहद जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट भी देंगे।
- मनोज रावत
अध्यक्ष, माउंटेनियर्स एंड ट्रैकर्स एसोसिएशन उत्तराखंड
हिटो केदार के जरिए केदारनाथ तक पहुंचने के नौ नए विकल्प प्राप्त हो रहे हैं। ट्रैकिंग दलों की वापसी के बाद इन ट्रैकों की स्थिति को लेकर चर्चा की जाएगी और इसे सुविधाजनक बनाने के साथ नियमित यात्रा के लिए विकसित भी किया जाएगा।
- डा. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग