फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   GIC Kotma is being operated in a dilapidated building

Rudraprayag News: जर्जर भवन में हो रहा जीआईसी कोटमा का संचालन

Sat, 07 Dec 2024 05:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग Updated Sat, 07 Dec 2024 05:47 PM IST
विज्ञापन
GIC Kotma is being operated in a dilapidated building
वर्ष 1964 में निर्मित जूहा के भवन में चल रहा इंटर कॉलेज, हल्की बारिश में ही टपकने लगती है छत
विज्ञापन

गुप्तकाशी। कालीमठ घाटी की 10 ग्राम पंचायतों के एकमात्र राजकीय इंटर कॉलेज कोटमा को नया भवन नसीब नहीं हो पाया है। जर्जर हो चुके छह दशक पुराने भवन में ही कक्षाओं का संचालन हो रहा है। भवन की छत, खिड़की-दरवाजों की हालत काफी खराब हो चुकी है, जो कभी भी किसी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। शिक्षक-अभिभावक संघ और विद्यालय प्रबंधन समिति ने विधायक व शिक्षामंत्री से नया विद्यालय भवन स्वीकृत कराने की मांग की है।
कालीमठ घाटी के कोटमा में वर्ष 1964 में जूनियर हाईस्कूल के लिए ग्रामीणों ने श्रमदान से भवन का निर्माण किया गया था। इसी भवन पर विद्यालय जूनियर से हाईस्कूल और हाईस्कूल से इंटर स्तर पर उच्चीकृत हुआ। वर्तमान में यहां कक्षा 6 से 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन हो रहा है, जिसमें कक्षा 9 से 12वीं तक कला व विज्ञान वर्ग की अलग-अलग कक्षाएं शामिल हैं। इन कक्षाओं में कुल 237 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष अरविंद राणा, महेश सती, दिनेश सत्कारी का कहना है कि राज्य निर्माण के बाद से जीआईसी कोटमा को नया भवन नहीं मिल पाया है।
विज्ञापन

कालीमठ घाटी के राजकीय इंटर कॉलेज कोटमा को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही नए भवन निर्माण के लिए विभाग से प्रस्ताव मांगा जाएगा, जिससे ठोस प्रयास किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- आशा नौटियाल, विधायक केदारनाथ विस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed