फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   Even loved ones forgot Himwant poet Chandra Kunwar

हिमवंत कवि चंद्र कुंवर को अपनों ने भी भुलाया

Tue, 14 Sep 2021 10:23 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 14 Sep 2021 10:23 PM IST
विज्ञापन
Even loved ones forgot Himwant poet Chandra Kunwar
हिमवंत कवि व जिले के मालकोटी गांव निवासी चंद्र कुंवर बर्त्वाल को उनकी 74वीं पुण्यतिथि पर अपनों ने ही भुला दिया। जीआईसी अगस्त्यमुनि में स्थापित उनकी प्रतिमा पर किसी ने भी माल्यार्पण तक नहीं किया। यहां तक कि चंद्र कुंवर बर्त्वाल स्मृति शोध संस्थान ने भी चितेरे कवि को याद करना जरूरी नहीं समझा।
विज्ञापन

मंगलवार 14 सितंबर को कवि की 74वीं पुण्यतिथि थी। आज ही के दिन वर्ष 1947 में 28 वर्ष की आयु में कवि चंद्र कुंवर बर्त्वाल का निधन हो गया था। अपने अल्प जीवन में उन्होंने हिंदी साहित्य की भरपूर सेवा की। इस दौरान उन्होंने एक हजार से अधिक हिंदी रचनाएं लिखीं जिसमें विराट ज्योति, कंकड़-पत्थर, पयस्विनी, काफल, पाक्कू, जीतू, मेघ नंदिनी आदि शामिल हैं। अपनी बीमारी को भी उन्होंने अपनी रचनाओं में स्थान दिया लेकिन शासन, प्रशासन की उपेक्षा के बीच अब उन्हें अपनों ने भी भुला दिया है। चंद्र कुंवर बर्त्वाल शोध संस्थान अगस्त्यमुनि के अध्यक्ष हरीश गुसाईं ने बताया कि सभी पदाधिकारी व सदस्यों के अन्यत्र होने के कारण पुण्यतिथि पर कोई आयोजन नहीं हो पाया। जल्द ही एक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed