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कोषागार में तीन साल से लॉक हैं दस्तावेज, 14 गांवों में थमी है चकबंदी प्रक्रिया

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2020 12:24 AM IST
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Documents have been locked up in the treasury for three years, 14 villages have stopped consolidation process
डॉ. नीरज खैरवाल, डीएम। - फोटो : RUDRAPUR
चंदन बंगारी
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रुद्रपुर। प्रदेश के सबसे बड़े एनएच-74 मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी आखिरी चार्जशीट कोर्ट में जमा कर चुकी है। लेकिन तीन साल से अधिक समय बीतने के बावजूद डबल लॉक में रखे गए करीब 100 गांवों के जमीनों के मूल दस्तावेज तहसीलों को नहीं लौटाए जा सके हैं। इसके चलते ग्रामीणों को बैंक लोन सहित तमाम दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
साथ ही 14 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया रुकी पड़ी है। एनएच के लिए अधिग्रहीत की गई कुछ जमीनों का विवाद भी अभिलेख नहीं होने से लटका है और किसानों को मुआवजा नहीं दिया जा सका है। कुछ गांवों के किसान मूल दस्तावेज तहसीलों को सौंपने की मांग जिला प्रशासन के साथ ही मुख्यमंत्री से भी कर चुके हैं लेकिन जिला प्रशासन इस संबंध में शासन के निर्देश का इंतजार कर रहा है।
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दरअसल मार्च 2017 में तत्कालीन कुमाऊं कमिश्नर डी. सेंथिल पांडियन ने मुआवजा घोटाले का खुलासा किया था और 11 मार्च को तत्कालीन एडीएम ने पंतनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। मामला उजागर होने के बाद जसपुर सहित कुछ अन्य तहसीलों से कुछ फाइलें गायब हो गई थीं। इसके बाद 22 मार्च को कमिश्नर ने एनएच-74, 87 और 125 चौड़ीकरण की जद में आए काशीपुर, जसपुर, बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, किच्छा, सितारगंज, खटीमा के करीब 100 गांवों की जमीनों के संबंधी मूल अभिलेखों को एसएलओ दफ्तर, तहसील और चकबंदी कार्यालय से मंगवाकर मुख्य कोषागार के डबल लॉक में सुरक्षित रखवा दिया था।
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एसआईटी ने डबल लॉक से दस्तावेजों की प्रमाणित कापियां लेकर जांच की थी। एसआईटी बैक डेट में जमीनों की 143 कर करोड़ों रुपये के अतिरिक्त मुुआवजा हड़पने की पुष्टि के बाद छह पीसीएस अफसरों सहित 30 से अधिक लोगों को जेल भेजने के साथ ही करीब 111 के खिलाफ कोर्ट में 11 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अब एसआईटी को कोई चार्जशीट दाखिल नहीं करनी है।
इधर, डबल लॉक में आर-6 रजिस्टर, खसरा, खतौनी, सहित अन्य मूल दस्तावेज रखे होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों को बैंक लोन के लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ ही विवादित जमीनों की पैमाइश, आर-6 रजिस्टर में दर्ज होने से रह गई जमीन की दाखिल खारिज करवाने सहित अन्य दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
हालांकि जमीनों की दाखिल खारिज के लिए अस्थाई रूप से आर-6 रजिस्टर बनवाकर आदेश को दर्ज किया जा रहा है। इसके साथ ही कुछ जमीनों पर कोर्ट केस या अन्य पारिवारिक विवाद में मूल दस्तावेजों के अभाव में मुआवजे का वितरण नहीं हो सका है। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी सुभाष गुप्ता ने बताया कि डबल लॉक में दस्तावेजों से 14 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया दस्तावेज जमा करते समय रुकी थी और वह अभी भी उसी स्टेज में है। जब मूल रिकॉर्ड मिलेगा, तभी इन गांवों में प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
एसआईटी को नहीं मूल दस्तावेजों को लेकर ऐतराज
रुद्रपुर। 500 करोड़ रुपये के एनएन घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के विवेचक डबल लॉक में रखे दस्तावेजों को लेकर अपनी आख्या एसएसपी के माध्यम से डीएम को भेज चुके हैं। इसके साथ ही पडरी सितारगंज सहित कुछ और गांवों के लोग भी बैंक लोन और अन्य दिक्कतों की वजह बताकर मूल दस्तावेज तहसीलों को सौंपने की मांग कर चुके हैं।
चकबंदी अधिकारियों के साथ ही एसएलओ भी मुआवजा वितरण में आ रही बाधाओं से जिला प्रशासन को अवगत करा चुके हैं। डीएम की ओर से मुख्य सचिव को भेजे गए दो पत्रों में सभी दिक्कतों का उल्लेख किया गया है। जिला प्रशासन को शासन के निर्देश और किसानों को प्रशासन की कार्यवाही का इंतजार है।

इन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया प्रभावित
बाजपुर के कनौरी, गुमसानी, टांडा आजम में धारा छह की कार्यवाही होना शेष।
किच्छा और काशीपुर के चनकपुर में चकबंदी प्रक्रिया अंतिम चरण में।
बाजपुर का ग्राम ताली, रुद्रपुर का बिगवाड़ा में चक निर्माण की हो रही थी प्रक्रिया।
बाजपुर के कनौरा, हरलालपुर, महेशपुरा, मुड़ियाअनी, बिचपुरी, मढ़ैयारत्ना, भगुवानगला में धारा 9 की प्रक्रिया पूरी होने की कगार पर।
डबल लॉक में रखे गए मूल दस्तावेजों को तहसीलों को रिलीज करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। लेकिन शासन की तरफ निर्देश जारी नहीं हुए हैं। शासन के निर्देश मिलने के बाद ही इस संबंध में कार्यवाही की जा सकेगी। - डॉ. नीरज खैरवाल, डीएम।
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