फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rudraprayag News ›   Copies of permanent residence certificate were thrown into the river

Rudraprayag News: स्थायी निवास प्रमाणपत्र की प्रतियां नदी में कीं प्रवाहित

Mon, 15 Jan 2024 05:25 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग Updated Mon, 15 Jan 2024 05:25 PM IST
विज्ञापन
Copies of permanent residence certificate were thrown into the river
मूल निवास और सशक्त भू-कानून लागू करने के लिए आंदोलनकारी, यूकेडी और व्यापार संघ ने उठाई मांग
विज्ञापन


कहा- आत्मनिर्भर राज्य बनने के बजाय बन गए कार्बन कॉपीसंवाद न्यूज एजेंसी
अगस्त्यमुनि। उत्तराखंड में मूल निवास और सशक्त भू-कानून लागू करने की मांग को लेकर राज्य आंदोलकारियों, उक्रांद व व्यापार संघ ने स्थायी निवास प्रमाणपत्र की प्रतियां मंदाकिनी नदी में प्रवाहित कीं।


यूकेडी के वरिष्ठ नेता पृथ्वीपाल सिंह रावत ने कहा कि राज्य बनने के 23 साल बाद भी मूल निवास, भू-कानून लागू न होना भाजपा-कांग्रेस की राजनैतिक विफलता है। इस वजह से आज पहाड़ में बाहरी लोगों का वर्चस्व हो गया है। व्यापार संघ के प्रदेश संगठन मंत्री मोहन रौतेला ने कहा कि हमारे बच्चों के भविष्य के लिए उत्तराखंड में मूल निवास और भू-कानून जरूरी है। राज्य आंदोलनकारी अनसूया प्रसाद मलासी ने कहा कि जिस दिन उत्तराखंड राज्य का प्रस्ताव संसद में पारित हुआ, उसी दिन हमारे साथ राजनैतिक धोखा हुआ। राज्य आंदोलन के दौरान पड़ोसी राज्य हिमाचल की तरह उत्तराखंड को विकसित एवं आत्मनिर्भर राज्य बनाने की बात करते रहे। मगर हकीकत यह है कि आज हम उत्तर प्रदेश की कार्बन काॅपी बन गए हैं। दीपक बेंजवाल ने उत्तराखंड में मूल निवासियों को हक देने के लिए 1950 का मानक तय होना चाहिए। ताकि उत्तराखंड के युवाओं को अपने राज्य में नौकरी और रोजगार में वरीयता और हक मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed