{"_id":"5fb7f8458ebc3e9bb604ef4c","slug":"communication-service-stopped-in-kedarnath-dham-rudrapryag-news-drn36242019","type":"story","status":"publish","title_hn":"केदारनाथ धाम में संचार सेवा ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केदारनाथ धाम में संचार सेवा ठप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद से केदारपुरी में मोबाइल नेटवर्क भी ठप हो रखा है। यहां रह रहे कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों से चार दिन से संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे धाम में बर्फबारी व अन्य जानकारी नहीं मिल पा रही है।
यात्राकाल में केदारनाथ में बीएसएनएल के साथ ही निजी कंपनियों की संचार सेवा का लाभ दर्शनार्थियों, अधिकारियों व कार्यदायी संस्था के कर्मियों को मिल रहा था, लेकिन 16 नवंबर को धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने के बाद से यहां निजी कंपनियों की संचार सेवा भी ठप हो गई है। जबकि पिछले चार दिन से बीएसएनएल के मोबाइल सिग्नल भी गायब है। समस्या से धाम में पुनर्निर्माण कार्य करने वाली कार्यदायी संस्थाओं की गौरीकुंड, सोनप्रयाग, गुप्तकाशी व रुद्रप्रयाग अपने उच्चाधिकारियों व प्रशासन से संपर्क नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार को केदारनाथ मंदिर से लगभग तीन किमी पहले रुद्रा प्वाइंट पहुंचकर वुड स्टोन के टीम प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि संस्था व पुलिस समेत केदारनाथ धाम में 45 लोग रह रहे हैं।
विज्ञापन
यात्राकाल में केदारनाथ में बीएसएनएल के साथ ही निजी कंपनियों की संचार सेवा का लाभ दर्शनार्थियों, अधिकारियों व कार्यदायी संस्था के कर्मियों को मिल रहा था, लेकिन 16 नवंबर को धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने के बाद से यहां निजी कंपनियों की संचार सेवा भी ठप हो गई है। जबकि पिछले चार दिन से बीएसएनएल के मोबाइल सिग्नल भी गायब है। समस्या से धाम में पुनर्निर्माण कार्य करने वाली कार्यदायी संस्थाओं की गौरीकुंड, सोनप्रयाग, गुप्तकाशी व रुद्रप्रयाग अपने उच्चाधिकारियों व प्रशासन से संपर्क नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार को केदारनाथ मंदिर से लगभग तीन किमी पहले रुद्रा प्वाइंट पहुंचकर वुड स्टोन के टीम प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि संस्था व पुलिस समेत केदारनाथ धाम में 45 लोग रह रहे हैं।
विज्ञापन