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पंचेश्वर बांध बनने से कम होगी बिजली खपत : त्रिवेंद्र

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2020 10:15 PM IST
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CM in Rudrapur
रुद्रपुर में मुख्यमंत्री से मिलता सिडकुल सोसायटी का प्रतिनिधि मंडल। - फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बिजली पानी की बचत करना सरकार का प्रथम लक्ष्य है। प्रदेश में हर साल 250 करोड़ रुपये सिर्फ पानी पर खर्च हो रहे हैं। सिंचाई में सबसे ज्यादा बिजली की खपत बढ़ रही है। पंचेश्वर बांध के बनते ही इस समस्या को दूर कर लिया जाएगा। तराई को सीधे पंचेश्वर बांध से जोड़ा जाएगा।
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रविवार सुबह होटल रेडिसन में कार्यकर्ताओं से संवाद कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि पानी और बिजली को बचाना सरकार का लक्ष्य है। पंचेश्वर बांध के कार्य में तेजी लाई जा रही है। बांध बनते ही बिजली की खपत को कम किया जाएगा। सरकार पानी और बिजली को बचाने के लिए शुरू से प्रयासरत है।
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सीएम ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
रुद्रपुर। होटल रेडिसन में कार्यकर्ताओं से संवाद कार्यक्रम में सीएम ने सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। कहा कि अल्मोड़ा में झील बनाकर वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या को दूर कर लिया गया है। पिथौरागढ़ और चंपावत में झील का निर्माण करने के लिए बजट स्वीकृत हो गया है। सीमित संसाधनों के बाद भी सरकार ने एक साल के भीतर 300 सौ करोड़ रुपये लोनिवि के कामों से बचाए हैं। देहरादून में फ्लाईओवर के निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखकर 30 करोड़ रुपये बचाए गए हैं। रोडवेज से 200 करोड़ और वन विकास निगम से 22.50 करोड़ फायदा हुआ है। इसके लिए सीएम ने वन विकास निगम के अध्यक्ष सुरेश परिहार की पीठ थपथपाई।
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अप्रैल में वेलनेस समिट किया जाएगा
रुद्रपुर। संवाद कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाएं है और अप्रैल में वेलनेस समिट किया जाएगा। सीएम ने कहा कि सरकार का तीन साल का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है और हमारी सरकार पर अभी तक भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा है, जो कि बड़ी उपलब्धि है।
इनकी रही मौजूदगी
रुद्रपुर। संवाद कार्यक्रम में विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, मेयर रामपाल सिंह, दर्जा मंत्री सुरेश परिहार, राजेश कुमार, वीरेंद्र सामंती, अनिल चौहान, ललित मिगलानी, विवेक सक्सेना, उत्तम दत्ता, राकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
भूमि के विवादों को समाप्त किया जाएगा
रुद्रपुर। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संक्षिप्त वार्ता में कहा कि ऊधमसिंह नगर में भूमि के विवाद बहुत ज्यादा हैं, जिन्हें जल्द समाप्त किया जाएगा। भूमि विवादों को दूर करने के लिए डीएम को निर्देशित किया गया है। इसके लिए सरकार नए नियमों को बनाने पर विचार करेगी। कार्यकर्ताओं की अधिकारियों के सुनवाई नहीं करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हो सकता है यह आरोप सही हो लेकिन ये आरोप मैं बहुत लंबे समय से सुनता आ रहा हूं। सीएम ने कहा कि रुद्रपुर और काशीपुर को भी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दौरान विधायक ठुकराल ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह और तलवार भेंट की।
मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं सिडकुल की समस्याएं
रुद्रपुर। सिडकुल एंटरप्रेन्योर वेलफेयर सोसायटी पंतनगर के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात कर उद्योगों की समस्याएं सुलझाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने सड़कों की खराब स्थिति, झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, टूटी नालियों की मरम्मत, बंद उद्योगों, वेयरहाउस के लिए मंजूरी, जमीन हस्तांतरण के रूप में 15 परसेंट लेवी को कम करने एवं पंतनगर में उद्योगों की स्थापना और विस्तारीकरण पर लगाई गई एनजीटी की रोक हटाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि समस्याएं सुलझाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। वहां प्रदेश महामंत्री अनिल गोयल, विधायक राजकुमार ठुकराल, मेयर रामपाल सिंह, जिला अध्यक्ष शिव अरोरा, सुरेश परिहार, सोसायटी अध्यक्ष मनोज त्यागी, पूर्व अध्यक्ष अजय तिवारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डीसी बिष्ट, महासचिव अनिल सिंह, चेयरमैन सीएसआर सेल आरसीएस नेगी आदि रहे।
फ्लेक्सी तक सीमित रहा ‘कार्यकर्ता संवाद’
रुद्रपुर। मुख्यमंत्री से संवाद कर समस्याएं उठाने के लिए उत्साहित कार्यकर्ताओं को मायूसी ही हाथ लगी। दो घंटे इंतजार कराने के बाद मुख्यमंत्री पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से रूबरू जरूर हुए लेकिन समय कम होने का हवाला देते हुए अपनी बात कहकर चले गए। इससे कार्यकर्ताओं के मन की बात मन में ही दबी रह गई। हालांकि मुख्यमंत्री ने दोबारा जिले में आकर संवाद करने का आश्वासन जरूर कार्यकर्ताओं को दिया।
दरअसल मुख्यमंत्री से संवाद कार्यक्रम को लेकर एक सप्ताह से तैयारी करने के साथ ही जिम्मेदारियां भी बांटी गई थीं। पहले तो शनिवार को सीएम के कार्यक्रम में देरी के चलते संवाद कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद रविवार सुबह आठ बजे से ही होटल रेडिसन में रखे गए संवाद कार्यक्रम के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया था। कार्यकर्ता नजूल, सीपीयू सहित कई मुद्दों को लेकर आए थे। इधर, इंतजार की घड़ी करीब दो घंटे बाद खत्म हुई और सुबह 10:20 बजे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत संवाद कार्यक्रम में पहुंच गए।
जिलाध्यक्ष शिव अरोरा ने दिल्ली में सीएम के व्यस्त कार्यक्रम और मौसम खराब होने का हवाला देकर जल्द कार्यक्रम खत्म करने की बात कही। इसके बाद सीएम ने माइक थामा और सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने भ्रष्टाचार पर नकेल कसने को सबसे बड़ी उपलब्धि करार दिया। करीब 20 मिनट तक अपनी बात रखने के बाद सीएम हॉल से बाहर आ गए और कार में बैठकर पुलिस लाइन के हेलीपैड के लिए रवाना हो गए। इधर, मायूस कार्यकर्ताओं ने खुलकर नाराजगी तो नहीं जताई लेकिन कार्यकर्ताओं में अंदरखाने रोष जरूर देखा गया। उनका कहना था कि इंतजार के बावजूद अपनी बात सीएम के सामने कहने का मौका नहीं मिल सका।

फ्लेक्सी में सिर्फ एक विधायक की फोटो
रुद्रपुर। कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम को लेकर कांफ्रेंस हॉल में लगाई फ्लेक्सी को लेकर भी नाराजगी देखी गई। संवाद कार्यक्रम में जिलेभर से विधायक, मेयर और पदाधिकारियों को बुलाया गया था। लेकिन फ्लेक्सी में सिर्फ रुद्रपुर विधायक की ही फोटो लगाई गई थी और अन्य विधायकों की फोटो नहीं थी। संवाद में जिले से तीन विधायकों ने शिरकत की थी। इसको लेकर कुछ कार्यकर्ताओं में आपस में बहसबाजी भी हुई थी।
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